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Saharanpur News: 41 लाख की आबादी, फिर भी स्थाई बस स्टैंड को तरस रहा जिला

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सहारनपुर के कांशीराम कॉलोनी में रोड पर चलता बस अडड़ा
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- महानगर में फिलहाल तीन जगह बनाए गए हैं अस्थाई बस स्टैंड
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- कांशीराम और मानकमऊ में बने स्टैंड पर न शौचालय न पीने का पानी

- किसी काम के नहीं मोबाइल शौचालय, सफाई न होने से फैली रहती गंदगी

फोटो समाचार -
संवाद न्यूज एजेंसी

सहारनपुर। जिले की 41 लाख आबादी आज तक एक रोडवेज बस स्टैंड को तरस रही है। आज भी लोग अलग-अलग स्थानों पर जाकर रोडवेज बसों को पकड़ते हैं। व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, कांशीराम कालोनी और मानकमऊ अस्थाई बस स्टैंड पर न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही पेयजल की सुविधा। मोबाइल शौचालय भी किसी काम के नहीं है। उनकी सफाई नहीं होने से गंदगी रहती है।

महानगर में तीन स्थानों से रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। रेलवे रोड बस अड्डे से देहरादून, हरिद्वार, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, मेरठ की बसें संचालित होती हैं। मानकमऊ से नकुड़, गंगोह, यमुनानगर और अंबाला की बसें जाती हैं। दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कालोनी से शामली, दिल्ली की बसें चलती हैं। अलग-अलग स्थानों पर बस स्टैंड होने से लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। साथ ही उनकी जेब पर भी बोझ पड़ रहा है।
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परिवहन मंत्री से लेकर शासन स्तर के अधिकारी बस स्टैंड को लेकर निरीक्षण कर चुके हैं। जमीन की तलाश भी हुई, लेकिन आगे नहीं सरकी। रोडवेज व आवास विकास परिषद की जमीन का मूल्यांकन तक हुआ था। उसके बाद आवास विकास परिषद ने जमीन देने से मना कर दिया था। जिले की आबादी हर साल बढ़ रही है। वर्तमान में जिले की आबादी करीब 41 लाख है।

कांशीराम कालोनी व मानकमऊ अस्थाई बस स्टैंड पर तो सुविधाएं नदारद हैं। कहने को यहां मोबाइल शौचालय और पानी की टंकी भी लगाई गई है। लेकिन ये न तो यात्रियों के काम आ रही है और न ही इनको लगाने का कोई फायदा मिल रहा। मोबाइल शौचालय गंदगी से अटा है। पेयजल की व्यवस्था ध्वस्त है। इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

क्या बोले लोग-

राजकुमार मक्कड़ का कहना है कि महानगर में एक स्थाई बस स्टैंड नहीं होना बड़ी समस्या है। इस समय तीन अलग-अलग स्थानों से बसें संचालित हो रही है। लोगों को तो परेशानी हो रही है। साथ ही व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
सुभाष चंद सलूजा ने कहा कि बस स्टैंड की मांग काफी समय से उठ रही है, लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई। लोगों को बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे उन्हें परेशानी का सामना पड़ता है। बस स्टैंड पर सुविधाएं भी नदारद हैं।
राकेश कुमार गांधी ने बताया कि स्थाई बस अड्डा नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कई बार बस अड्डे की मांग उठी चुकी है, लेकिन आज तक इसे कोई पूरा नहीं करा पाया है।
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वर्जन

मोबाइल शौचालयों की समय-समय पर सफाई कराई जाती है। अगर इस तरह की शिकायत है तो उसे दिखावाया जाएगा और उनकी सफाई कराई जाएगी।

अशोक प्रिय गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम
-वर्जन

महानगर में स्थाई बस स्टैंड बनाने की मांग काफी समय से चल रही है। जमीन को लेकर तलाश भी हुई। लेकिन अभी उनकी जानकारी में नहीं है कि बस स्टैंड को लेकर क्या चल रहा है। इसमें जो भी होगा, वह शासन स्तर से की किया जाएगा।

जोगेंद्र सिंह, एआरएम, सहारनपुर डिपो
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