सहारनपुर। अगर आप अपने मरीज को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं तो यहां यह उम्मीद मत कीजिए कि आपके मरीज को वार्ड ब्वॉय स्ट्रेचर से इमरजेंसी या वार्ड तक ले जाएंगे। यह काम खुद ही आपको करना पड़ेगा। वहीं, बंद लिफ्ट भी रोगियों का दर्द बढ़ा रही है। पिलखनी स्थित शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के लिए महानगर और आसपास क्षेत्रों के मरीज आते हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम ने लाइव किया तो स्थिति बेहद खराब मिली। लिफ्ट बंद मिली। एक से दूसरी मंजिल तक मरीजों को ले जाने में तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहीं नहीं रेडियो डायग्नोसिस ब्लॉक के सामने कूड़ा फैला हुआ था। इस तरफ कोई ध्यान दिया गया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचे सरसावा के गांव कुंडा निवासी आस मोहम्मद ने बताया कि उनकी मां नफीसा काफी दिनों से बीमार है। वह उनको भर्ती करने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इमरजेंसी से खुद ही व्हीलचेयर लेकर आए और उसके बाद खुद ही व्हील चेयर से अपनी मां को इमरजेंसी तक लेकर पहुंचे। सरसावा के सतपाल का बेटा रणसिंह पैर में चोट होने की वजह से पिछले तीन दिन से हड्डी वार्ड में भर्ती है। सोमवार को सतपाल अपने बेटे की जांच कराने के लिए पैथालॉजी लैब पहुंचा। खुद ही बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर आना पड़ा। बड़गांव के गांव नयागांव निवासी मोनू अपने पिता इसम को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। स्ट्रेचर तो आसानी से मिल गया, लेकिन लिफ्ट खराब होने से परेशानी सामना करना पड़ा। लिफ्ट खराब होने के कारण वार्ड तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। वार्ड ब्वाॅय न होने पर तीमारदार खुद ही तीन मंजिल तक स्ट्रेचर या व्हीलचेयर को घसीटते हुए लाते और ले जाते है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। अगर कोई मरीज शिकायत लेकर आता है तो उसका समाधान किया जाता है। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर इमरजेंसी में रहती है। वार्ड ब्वाॅय को सख्त हिदायत दी गई है। जो लिफ्ट खराब है, उसे ठीक कराया जाएगा।
- डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में बंद पड़ी लिफ्ट
मेडिकल कॉलेज में बंद पड़ी लिफ्ट