सहारनपुर। मौसम में परिवर्तन के साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब हो रही है। एक सप्ताह पहले जो एक्यूआई 150 था, वह अब बढ़कर 240 पर पहुंच गया है। दिल के मरीजों, बच्चों और गर्भवतियों के साथ साथ सामान्य लोगों के लिए भी हवा का यह स्तर अच्छा नहीं है।
सहारनपुर में पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर और हरियाणा के यमुनानगर की तुलना में अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। यहां धुंआ उगलने वाले कईं उद्योग हैं। जिनकी वजह से यहां प्रदूषण अधिक रहता है। बीते करीब एक माह से जनपद में हवा की गुणवत्ता 100 से 130 के आसपास बनी हुई थी। पिछले सप्ताह चली तीन दिन की तेज हवाओं में भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी गिरा था और हवा साफ हो गई थी। लेकिन इसके बाद से जिले में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को एक्यूआई बढ़कर 240 पर पहुंच गया। इसकी प्रमुख वजह हवा तेज नहीं चलना और सुबह शाम मौसम में नमी का होना है। वाहनों से निकलने वाले धुंए और सड़क निर्माण के कारण उड़ने वाली धूल भी प्रदूषण बढ़ने की एक वजह है।
-आदेशों का नहीं हो रहा पालन
महानगर में स्मार्ट रोड, फुटपाथ, सीवर लाइन डालने और डिवाइडर बनाने के कार्य चल रहे हैं। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम कार्यदाई संस्थाओं को सुबह शाम पानी का छिड़काव के निर्देश दे चुके हैं, जिससे धूल ना उड़े, लेकिन कार्यदायी संस्थाएं आदेशों की अनदेखी कर रही हैं। पानी का नियमित छिड़काव नहीं होने के कारण घंटाघर और उसके आसपास धूल के गुबार उठते हैं, जिसकी वजह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
-मास्क का प्रयोग कर प्रदूषण से बचें
वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क एक बेहतर उपाय है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि जब भी घर से बाहर निकलें तो मास्क लगाकर निकलें, यह काफी हद तक प्रदूषण से बचाता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से भी मास्क बचाव करता है। उनकी यह भी सलाह है कि बिना वजह बाजारों में ना निकलें, क्योंकि ज्यादातर धूल और धुंआ सड़कों पर ही रहता है।
बीते एक सप्ताह का एक्यूआई
तिथिएक्यूआई
20 फरवरी-240
19 फरवरी-200
18 फरवरी-210
17 फरवरी-170
16 फरवरी-160
15 फरवरी-170
14 फरवरी-160
सहारनपुर में धूंध जैसा छाया रहा कोहरा में जाती रही ट्रेन