सहारनपुर। बदलते मौसम में डेंगू के बीच अब निमोनिया ने भी दस्तक दे दी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में निमोनिया से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और भूख कम लगने की शिकायत है। बच्चों को बिना वजह न निकलने की चिकित्सक सलाह दे रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में खासा बदलाव आया है। दिन में गर्मी पड़ रही है, जबकि सुबह और रात को मौसम सर्द हो रहा है। ऐसे में बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। एक ओर जहां वायरल बुखार और डेंगू ने लोगों को जकड़ रखा है, वहीं दूसरी ओर अब निमोनिया ने भी चपेट में लेना शुरू कर दिया। खासकर छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत आ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी रोजाना 200 के पार पहुंच रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील शर्मा ने इनमें वायरल, खांसी-जुकाम और निमोनिया की समस्या अधिक है। इसी प्रकार एसबीडी जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी पर नजर डालें तो प्रतिदिन 150 से 175 बच्चे आ रहे हैं। इनमें इक्का-दुक्का बच्चे निमोनिया से भी पीड़ित हैं।
निमोनिया के लक्षण :
- कमजोर या थका हुआ महसूस होना।
-सांस लेने में दिक्कत होना
- तेजी से सांस लेना, सीने में दर्द, बेचैनी होना
- बलगम वाली खांसी आना
- भूख कम लगना
निमोनिया से बचाव :
- प्रतिदिन छह से आठ गिलास पानी पीएं
- समय से टीका लगवाएं
- हरी पत्तेदार सब्जियां और फलों का सेवन करें।
- घर में व आसपास साफ-सफाई रखें।
- अच्छी तरह से पकाई हुई सब्जियों का सेवन करें।
- मीट, मछली और अंडे के हल्के भोजन का सेवन करें।
- निमोनिया होने पर अपने सामान्य आहार काे बनाए रखने की कोशिश करें।