फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: कागजों में ही सिमटी घर में बार खोलने की योजना

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। उत्तराखंड सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत घर में व्यक्तिगत बार खोलने की अनुमति दी है। इसी तरह दो वर्ष उत्तर प्रदेश शासन ने यह नीति लागू की थी, लेकिन जिले में यह नीति परवान ही नहीं चढ़ पाई है। इसके तहत दो वर्ष में जनपद में एक भी व्यक्तिगत बार के लिए लाइसेंस नहीं बना है।
विज्ञापन

दरअसल, घर पर व्यक्तिगत बार खोलने वाले व्यक्ति को जिला आबकरी विभाग से लाइसेंस लेना होता है। इसके तहत 11 हजार रुपये सालाना शुल्क भी देना पड़ेगा। घर पर बार खोलने वाला व्यक्ति शराब सिर्फ अपने लिए इस्तेमाल कर सकता है। इस शराब बेचा नहीं जा सकता है। इसके लिए स्टाॅक का भी ब्यौरा देना होता है और 50 हजार रुपये प्रतिपूर्ति शुल्क भी।
शासन ने यह योजना दो वर्ष पूर्व लागू की थी, लेकिन जिले में योजना कागजों में ही सिमटकर रह गई है। माना जा रहा है कि प्रचार-प्रसार न होने की वजह से योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। यहां पर एक भी लाइसेंस नहीं बना है।
विज्ञापन

- परिवार से लेनी होगी एनओसी
जो व्यक्ति घर पर व्यक्तिगत बार खोलने के लिए लाइसेंस लेगा। उसको घर में रहने वाले परिवार के सदस्यों से एनओसी लेकर आबकारी विभाग को देनी होगी। इसके बाद ही उसको लाइसेंस मिल पाएगा। आबकारी अधिकारियों की मानें तो जिले में यह योजना चल नहीं पाई है।
विज्ञापन

-जिले ठेकों की संख्या
- अंग्रेजी शराब की दुकानें 93
- देसी शराब के ठेके173
- बीयर की दुकानें 90
- मॉडल शॉप04
-वर्जन:
जिले में व्यक्तिगत बार के लिए कोई लाइसेंस नहीं बना है। दो वर्ष पूर्व यह नीति लागू हुई थी। -रवि शंकर, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें