उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा विवाद में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते अध्यक्ष राजस्व परिषद डॉ रजन
सहारनपुर। लंबे समय से चल रहे उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा विवाद के निस्तारण की उम्मीद जगी है। इसको लेकर मंडलायुक्त मेरठ की अध्यक्षता में टीम का पुनर्गठन किया जाएगा। सहारनपुर से ही पायलट प्रोजेक्ट शुरुआत होगी। इसको लेकर अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश डॉ. रजनीश दुबे ने तमाम अधिकारियों के साथ इसको लेकर चर्चा की।
सोमवार शाम कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश डॉ. रजनीश दुबे की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा विवाद, दीक्षित अवार्ड और रिकॉर्ड ऑपरेशन पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, हरियाणा एवं सर्वे ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों की बैठक की। डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि सीमा प्रकरण में मंडलायुक्त मेरठ की अध्यक्षता में टीम का दोबारा गठन किया जाएगा, जिसमें लोक निर्माण विभाग के तीन, सेतु निगम के दो, सिंचाई विभाग के एक अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नदी तल में लगने वाले सीमा स्तंभों के संबंध में एनजीटी के प्रकरण होने की बैठक कर ली जाए।
उन्होंने मंडलायुक्त मेरठ को निर्देश दिए कि कार्य की प्रगति के लिए संबंधित जिलाधिकारियों एवं टीम के अन्य सदस्यों के साथ बैठक करें। सीमा स्तंभों के निर्माण एवं स्थापना के लिए किए जाने वाली विभिन्न कार्रवाई के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद सहारनपुर को इस कार्य के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इस कार्य के लिए एसडीएम नकुड़ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इस दौरान मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद, जिलाधिकारी मनीष बंसल, अपर आयुक्त प्रशासन सुरेन्द्र राम, उपभूमि व्यवस्था आयुक्त भीषम लाल वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ अर्चना द्विवेदी आदि मौजूद रहे।