सहारनपुर। फुलवारी आश्रम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक गैलरी बनेगी। इसके साथ ही शहीदों के फोटो लगेंगे और उनके इतिहास के बारे में एलईडी पर जानकारी दी जाएगी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी फुलवारी आश्रम के में छिपे थे। अंग्रेज शासक भी उनको यहां तलाश नहीं पाए थे।
नगर विधायक राजीव गुंबर के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग ने छह करोड़ का बजट जारी कर दिया है। बाबा लाल दास रोड स्थित फुलवारी आश्रम स्वतंत्रता संग्राम का गवाह रहा है। यहां पर देश की आजादी की लड़ाई के दौरान शहीद-ए-आजम फुलवारी आश्रम की मुमटी में तीन दिन तक छिपे रहे थे। कुछ समय पूर्व नगर विधायक राजीव गुंबर ने फुलवारी आश्रम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसके लिए पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश ने छह करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया था।
यहां डिजिटल गैलरी बनेगी। इसके साथ ही शहीदों के फोटो लगेंगे और एक हॉल बनेगा। प्राेजेक्टर के माध्यम से बच्चों, युवाओं और लोगों को देश की आजादी के बारे में जानकारी दी जाएगी। मुमटी का विशेष रूप से सुंदरीकरण होगा। इसके अलावा फव्वारा, पार्क और करीब 50 लोगों के बैठने एवं पथ प्रकाश की व्यवस्था रहेगी। आश्रम के बराबर में बह रही पांवधोई नदी पर भी एक घाट बनेगा। नगर विधायक ने बताया कि इसको लेकर उनकी लखनऊ में आर्किटेक्ट प्रकाश जादौन से भी बात हो चुकी है। अगले सप्ताह काम शुरू होगा।