सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर विवाद
फोटो समाचार
बेहट। राजपूत समाज ने सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर जाति से जोड़कर गौरव यात्रा निकाले जाने का विरोध किया है। उनका कहना है, कि सम्राट मिहिर भोज राजपूत थे, जबकि गुर्जर समाज ने गौरव यात्रा का विषय बदलकर राजपूत सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर जाति से जोड़ दिया और उनके नाम पर यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश क्षत्रिय महासभा के बैनर तले शुक्रवार को बेहट विधानसभा क्षेत्र के राजपूत समाज के लोग तहसील पर इकट्ठा हुए और पंचायत की, जिसमें महासभा की युवा इकाई के जिलाध्यक्ष गौरव चौहान ने कहा कि यदि गुर्जर समाज जाति सूचक शब्द लगाकर यात्रा निकालता है तो राजपूत समाज उसका पुरजोर विरोध करेगा।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के मुख्य अतिथि सांसद प्रदीप चौधरी है। राजपूत समाज ने तय किया है कि 2024 में होने वाले लोकसभा क्षेत्र चुनाव में उन्हें इसका जवाब दिया जाएगा। राजपूत सभा के सरसावा अध्यक्ष डॉ. सुभाष चौहान, पृथ्वी राज चौहान, नकुड़ अध्यक्ष ठाकुर नैनपाल चौहान ने कहा कि गुर्जर समाज इतिहास चोरी का जो कार्य कर रहा है, उसे लेकर गांव दर गांव जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। पंचायत के बाद इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी बेहट दीपक कुमार को सौंपा गया। पंचायत में उत्तर प्रदेश क्षत्रिय महासभा एवं राजपूत सभा से जुड़े कान्हा राणा, अभिषेक राणा, संदीप चौहान, नरेंद्र चौहान, महिपाल सिंह, कुलदीप राणा, मुदित राणा, जितेंद्र चौहान आदि रहे।