ढ़मोला नदी में बरसात के कारण आया पानी कॉलोनिया में पहुंचा
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सहारनपुर। ढमोला नदी एक बार फिर उफान पर आने से आसपास की कॉलोनियों के लोगों में दहशत फैल गई। दिन भर लोग अपने घरों से बाहर रहे, जिससे कोई अनहोनी घटना होने पर कम से कम जान तो बच जाए। शाम तक पानी का स्तर एक समान बना रहा, जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई जलप्रलय के बाद ढमोला नदी के उफान पर आने से आसपास की कॉलोनियों में बाढ़ आई थी, जिसमें जान और माल दोनों का नुकसान लोगों को उठाना पड़ा था।
ढमोला नदी शहर के बीच से होकर गुजरती है। शहर में यह नदी करीब छह किलोमीटर का सफर तय करती है। कॉलोनी के आसपास गिल कॉलोनी जैसी करीब आधा दर्जन पॉश कॉलोनियां भी हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक छोटी कॉलोनियां हैं। कुछ जगहों पर कॉलोनाइजर्स ने ढमोला नदी के किनारे की सिंचाई विभाग की जमीन पर भी प्लॉट बेचे हुए हैं, जबकि अनेक लोगों ने कब्जा कर अवैध रूप से मकान बनाए हुए हैं। वर्ष 2013 में ढमोला नदी में अधिक पानी छोड़ने की वजह से बाढ़ आई थी। कई मकान और सामान पानी में बह गया था। तब से लोग बरसात के दिनों में दहशत में आ जाते हैं। बीती रात पहाड़ों में हुई तेज बारिश से नदी का जल स्तर बढ़ गया। सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना अधिक पानी रहा, जिसकी वजह से शांतिनगर, बृजेशनगर, इंदिरा कॉलोनी आदि के लोग दहशत में आ गए। कई लोगों के मकानों की नीव नदी के पानी में रखी गई है। ऐसे दो से तीन मंजिला भवन और उनमें रहने वाले लोग सबसे अधिक खतरे में हैं।
जलभराव से निपटने को नाला सफाई
सहारनपुर। नगर निगम द्वारा वार्ड 27 बेहट रोड स्थित शंकरपुरी कॉलोनी के नाले की सफाई का अभियान शुक्रवार से शुरू कर दिया गया। अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन के साथ नाला सफाई का निरीक्षण किया और निर्माण विभाग व स्वास्थ्य विभाग को नाले की ठीक से सफाई करने के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। शंकरपुरी कॉलोनी निवासी प्रेमपाल कटारिया ने नगर विकास मंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि नाले की काफी अरसे से सफाई नहीं हुयी है। ऐसे में अपर नगरायुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर नाले की सफाई का कार्य शुरू कराया।