संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एक तरफ शहर को स्मार्ट सिटी बनने की कवायद जारी है, जिसके लिए स्मार्ट रोड, स्मार्ट खेल सुविधाएं, स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाएं बनाने के कदम उठाए जा रहे हैं। शहर को हर तरह से स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के सपने दिखाए जा रहे हैं, लेकिन इसी महानगर का दूसरा पहलू यह भी है कि नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के कारण लोग इतने परेशान हैं कि अपने सपनों का घर तक बेचकर कॉलोनी से पलायन करने को मजबूर हैं। यहां बात हो रही है वार्ड 33 की आशीर्वाद कॉलोनी की, जहां बदहाली से तंग लोगों ने कॉलोनी छोड़ने का निर्णय लिया है। करीब एक दर्जन परिवारों ने अपने दरवाजों के बाहर मकान बेचने के पर्चे चस्पा किए हुए हैं।
हसनपुर से टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग पर स्थित आशीर्वाद कॉलोनी में करीब 150 परिवार रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कॉलोनी करीब 20 वर्ष पुरानी है। स्थानीय लोगों द्वारा अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद कॉलोनी में किसी तरह सड़क और नालियां बनाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन नालियों का पानी कहां जाएगा इसकी व्यवस्था नगर निगम ने नहीं की। नतीजा घरों से निकलने वाला पानी आगे नहीं जा पाने के कारण गलियों में भर जाता है। ऐसे में लोगों ने अपने घरों के बाहर नालियों पर बंधे लगाए हुए हैं, जिससे पीछे का पानी उनके घरों के सामने न आए। इस बात को लेकर लोगों में प्रतिदिन कहासुनी और झगड़े रहते हैं। कई लोगों ने घरों के बाहर गड्ढे खोदे हुए हैं, जिसमें पानी इकट्ठा होने के बाद उसे बाल्टियों में भरकर बाहर फेंककर आते हैं। लोगों का कहना है कि वह अनेक बार नेताओं और निगम अधिकारियों के यहां प्रार्थनापत्र सौंपकर पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग रख चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में उन्होंने अपने घर बेचकर कहीं अन्य जगह जाकर बसने का निर्णय लिया है। लोगों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के जो पर्चे चस्पा किए हैं, उनमें लिखा गया है कि यहां पर पानी की निकासी की सुविधा नहीं है। ऐसे में हम अपना घर बेचने को मजूबर हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि राधेश्याम नाम का व्यक्ति परिवार सहित अपना घर छोड़कर किसी अन्य जगह चला गया है।
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स्थानीय लोग कहते हैं
--स्थानीय निवासी पूनम ने बताया कि वह कई साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी चाहें तो पड़ोस की कॉलोनी के नाले में निकासी हो सकती है, लेकिन बार-बार प्रार्थनापत्र देने के बाद भी निगम के अधिकारी गंभीर नहीं हैं, जिससे लोगों में गुस्सा है।
--रानी ने बताया कि घरों के बाहर पानी जमा होने के बाद लोग बाल्टियों से पानी निकालकर पड़ोस में खाली पड़े प्लॉटों में डाल रहे हैं। वहां पानी इकट्ठा होने से मच्छर पनप रहे हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा है। बीते साल भी कई लोगों को मलेरिया और डेंगू हो चुका है।
--अनिल कुमार कटारिया ने बताया कि वह जन प्रतिनिधियों से लेकर नगर निगम के अधिकारियों को समस्या से कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन शहर के खास हिस्से को ही स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी चल रही है, जबकि जिन क्षेत्रों को विकास की अधिक जरूरत है उनकी अनदेखी की जा रही है।
--जनेश्वर ने बताया कि यह 20 साल पुरानी कॉलोनी है, जिसकी आज तक अनदेखी होती आई है। 150 से अधिक परिवार बदहाली में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इसीलिए अब लोगों ने अपने घर मकान बेचने का निर्णय लिया है। यदि जल्द समस्या का समाधान ना हुआ तो वह धरना देंगे।
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आशीर्वाद कॉलोनी में निकासी की समस्या का मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि ऐसा है तो अवर अभियंता को भेजकर समस्या का पता लगवाया जाएगा। निकासी की समस्या है तो उसे दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। हम खुद भी एक बार जाकर देख लेंगे कि समस्या के निवारण के लिए क्या किया जा सकता है।
- आलोक श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता निर्माण, नगर निगम।
आशीर्वाद कॉलोनी में अपने घर के बाहर मकान बेचने के लिए लगाया गया पर्चा दिखाती महिला।- फोटो : SAHARANPUR
बदहाली के कारण बंद पड़ा मकान और चस्पा पर्चा।- फोटो : SAHARANPUR
कॉलोनी में मकानों पर चस्पा मकान बिक्री के पर्चे।- फोटो : SAHARANPUR
कॉलोनी में सभी मकानों पर चस्पा पर्चे।- फोटो : SAHARANPUR