- भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी से जूझ रहे महानगर के दस हजार से अधिक परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पाइपलाइन टूटने के बाद बाधित हुई जलापूर्ति 60 घंटे बाद भी सुचारु नहीं हो सकी। नतीजा लोग पानी तक के लिए तरस गए। तीसरे दिन भी जल कल विभाग ने टैंकर के जरिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की, लेकिन जरूरत अधिक होने के कारण व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। उधर, बुधवार की रात गाजियाबाद से पाइप और अन्य सामान आने के बाद से कर्मचारी लाइन को जोड़ने में लगे हैं।
सोमवार की रात स्मार्ट सिटी योजना के तहत कार्य करते वक्त 24 इंच चौड़ी पाइपलाइन टूट गई थी, जिसके बाद घंटाघर और अंबाला रोड, कोर्ट रोड से सटे करीब आधा दर्जन वार्डों के दस हजार से अधिक घरों में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। जिन लोगों के घरों में सबमर्सिबल लगे हैं उनके लिए समस्या नहीं है, लेकिन बाकी के लिए पानी नहीं होना बड़ी समस्या बना हुआ है वह भी ऐसे समय में जब गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे लोग पड़ोसियों से पानी लेकर काम चला रहे हैं या फिर हैंडपंपों से पानी भर रहे हैं।
नगर निगम टैंकर के जरिए पानी पहुंचा रहा है, लेकिन ज्यादातर लोग उसे पीने से परहेज कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि भोजन पकाने और पीने के लिए साफ पानी चाहिए। टैंकर का पानी नहाने या कपड़े धुलने के लिए ठीक है।
उधर, गाजियाबाद से पाइप बुधवार की रात पहुंच गया था, जिसके बाद ही जल कल विभाग ने लाइन को जोड़ने का कार्य शुरू करा दिया था। महाप्रबंधक आरएस यादव रात में मौके पर रहे और कार्य कराया, लेकिन चूंकि पाइप की चौड़ाई 24 इंच और लंबाई करीब 40 मीटर है। ऐसे में उसका मजबूत बेस बनाया जा रहा है, जिससे आपूर्ति शुरू होने के बाद वजन से पाइप टूट न जाए या उसका जोड़ खुल न जाए। बृहस्पतिवार को भी दिन भर कार्य चलता रहा। मौके पर काम करा रहे इंजीनियरों ने बृहस्पतिवार की देर रात तक ही लाइन के जुड़ने और आपूर्ति सुचारु होने की उम्मीद जताई है। यानी नागरिकों को शुक्रवार की सुबह तक ही पानी नसीब होगा।
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पेयजल की समस्या को लेकर महापौर और नगर आयुक्त भी पल पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने मौके पर जाकर भी स्थिति का जायजा लिया है। इंजीनियरों ने बृहस्पतिवार की देर रात तक लाइन के जुड़ने की बात कही है। ऐसे में हमें उम्मीद है कि देर रात या फिर शुक्रवार की सुबह तक लोगों को पानी मिल जाएगा। - राजेश यादव, अपर नगर आयुक्त।