सहारनपुर। रेलवे स्टेशन के सामने सिद्धपीठ श्री शनिदेव मंदिर में लगा पीपल का पेड़ लोगों की आस्था केंद्र था। यहां पर हर शनिवार को बड़ी संख्या में लोग दीपक जलाते हैं।
पीपल का पेड़ 100 वर्ष पुराना था। इसका प्रमाण बुजुर्गों द्वारा बताई जानकारी से मिलता है। कोर्ट रोड निवासी 82 वर्षीय हरिओम प्रकाश आहलूवालिया और चंद्रनगर निवासी 85 वर्षीय राजेंद्र गोस्वामी बताते हैं कि बचपन से वह इस पेड़ को देखते आ रहे हैं। यहां पुराने समय से ही लोग पीपल के पेड़ और शनिदेव मंदिर दीपक जलाने आते हैं।
वहीं, मंदिर में हर शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है। पेड़ की जड़े मंदिर के अंदर तक है। गनीमत रही कि पेड़ गिरने से मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंची, लेकिन हादसे में मंदिर के निकट खड़े एक किशोर की जान चली गई। माना जा रहा है कि बरसात और पिछले दिनों आए तूफान की वजह से पेड़ कमजोर हो गया था। पेड़ की ऊंचाई करीब 50 फिट थी।
जा सकती थी कई लोगों की जान
जिस जगह पेड़ गिरा है, वहां पर अक्सर 30 से 40 लोग बैठे रहते हैं, लेकिन बारिश का मौसम होने की वजह से शाम को वहां लोग नहीं थे। अगर वहां लोग बैठे होते तो कई लोगों की जान जा सकती थी। पेड़ से गिरने से क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।
लग गया जाम
पेड़ गिरने की वजह से माल गोदाम और गुरुद्वारा रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर जाम लग गया। जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने यातायात व्यवस्था सुचारू कराई।