सहारनपुर। राधा स्वामी सत्संग ब्यास के डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो की दर्शन करने को अनुयायी उत्साहित नजर आए। अनुयायी बोले कि सत्संग सुनकर मन को शांति मिलने साथ ही परमात्मा को पाने का रास्ता भी मिला है।
सत्संग के बाद अमर उजाला ने अनुयायियों से बातचीत की। हरियाणा के यमुनानगरनिवासी दयावती का कहना है कि बाबा की वाणी सुनने से मन को शांति मिलती है। हिमाचल कालका निवासी सीमा ने कहा कि सत्संग सुनने के बाद उन्हें सुख की अनुभूति हुई। मुरादाबाद से आए लालचंद और मामचंद ने बताया कि वह बाबा गुरिंदर महाराज का कोई सत्संग नहीं छोड़ते हैं। बाबा हमेशा मानवता की सेवा और सच्चाई पर चलने की सीख देते हैं। सहारनपुर के देहरादून रोड निवासी अनारकली और अहमद बाग निवासी अपूर्वा का कहना है कि सत्संग से ज्ञान की प्राप्ति हुई है और सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली है। जिले के गांव अलीपुरा निवासी मोहम्मद हनीफ बताते हैं वे हर साल बाबा का सत्संग सुनने आते हैं। उन्हें इससे खुशी मिलती है। सत्संग में कोई ऐसी बात नहीं होती, जिससे किसी के मन या मजहब को कोई ठेस पहुंचे। शेरपुर खानाजादपुर के प्रदीप का कहना है कि वह पिछले 15 साल से बाबाजी के सत्संग से जुड़े हैं।
कई राज्यों और नेपाल से भी आए अनुयायी
सत्संग में पश्चिमी यूपी, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड़, राजस्थान के अलावा नेपाल से भी अनुुयायी आए है। नेपाल निवासी अमन गुरुंग अपने भाई के साथ सत्संग सुनने पहुंचे थे।
मुस्लिम समाज के लोग भी पहुंचे
सत्संग में मुस्लिम समाज के लोग भी पहुंचे। अलीपुरा निवासी मो. हनीफ सत्संग सुनने पहुंचे। देहरादून निवासी समीर और अली हसन ने कहा कि वह हर बार सत्संग सुनने आते हैं। सभी धर्म इंसानियत की शिक्षा देते हैं। बाबा के सत्संग में सही रास्तों पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इसी तरह अनेक लोग सत्संग भवन में नजर आए।
छुट्टी लेकर आए पुलिसकर्मी
सत्संग सुनने के लिए छुट्टी लेकर हरियाणा, पंजाब और दिल्ली पुलिस के जवान भी नजर आए। इन्होंने सत्संग सुनने के साथ ही व्यवस्थाओं की कमान भी संभाली। पूर्व में हुए सत्संग भी बड़ी संख्या में कई राज्यों के पुलिसकर्मी सत्संग सुनने आए थे।
साफ-सफाई का रखा विशेष ध्यान
सेवादरों ने सत्संग भवन में सफाई व्यवस्था विशेष ध्यान रखा। चार लाख अनुयायी आने के बाद भी कहीं पर गंदगी नजर नहीं आई है। सफाई व्यवस्था की कमान भी सेवादारों ने खुद ही संभाली है।
बच्चे और बुजुर्ग भी पहुंचे
सत्संग में अपने अभिभावकों के साथ 10 से 15 साल की उम्र के बच्चे भी पहुंचे। अंबाला निवासी राजकुमार मित्तल और बराड़ा निवासी योगेश कुमार ने बताया कि वह सत्संग में अपने बच्चों को लेकर जाते हैं। ताकि इनको अच्छे संस्कारों से जोड़ा जाए और परमात्मा के प्रति इनका प्रेम बढ़े। वहीं, बड़ी संख्या में बुजुर्ग अनुयायी सत्संग में आए और सेवा भी की।
श्रद्घालु मोहम्मद हनीफ अलीपुरा
श्रद्घालु मोहम्मद हनीफ अलीपुरा
श्रद्घालु मोहम्मद हनीफ अलीपुरा
श्रद्घालु मोहम्मद हनीफ अलीपुरा