सहारनपुर। शहर से सटे शेखपुरा गांव में बवाल के बाद दूसरे दिन शांति रही। दिन निकलते ही जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने लोगों से भी बातचीत की। सीसीटीवी कैमरे चेक किए। हालांकि दहशत के चलते गांव में कुछ दुकानें बंद रहीं।
ऐसे समझे मामला
महंत यति नरसिंहानंद द्वारा पैगंबर के खिलाफ दिए बयान को लेकर देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखपुरा कदीम में रविवार को बवाल हो गया था। गांव में मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हुए, जो शांतिपूर्ण तरीके से महामंडलेश्वर के बयान का विरोध कर रहे थे। इसके बाद मामला शांत हो गया था। कुछ देर बाद ही भारी संख्या में भीड़, जिनमें युवाओं की संख्या अधिक थी। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित पुलिस चौकी की तरफ आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और लाठियां फटकार दीं। इस पर गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। इसमें 20 नामजद और करीब 40 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ था, जिसमें 13 आरोपी कुछ घंटे बाद ही पकड़ लिए थे।
साहब, नहीं था बवाल का आभास, हम भी शर्मिंदा हैं
शेखपुरा गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने शेखपुरा पुलिस चौकी में शांति समिति की बैठक ली। ग्रामीणों ने शांति समिति के विस्तार की मांग उठाई। जिम्मेदारों ने कहा कि गांव की आबादी 24 से 25 हजार है, लेकिन शांति समिति में 15 से 20 लोग ही शामिल हैं। इसमें कम से कम 50 लोगों का होना जरूरी है, साथ ही घटना को लेकर कहा कि साहब यह आभास नहीं था कि बवाल हो जाएगा। हम भी शर्मिंदा हैं। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने शांति समिति का विस्तार कराने के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद दोनों अफसर पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। यहां रेती चौक पर खड़े लोगों से बातचीत की और रविवार को हुई घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए।
अधिकांश दुकानें रहीं बंद
सोमवार को गांव का अलग ही नजारा देखने को मिला। रेती चौक पर कुछ लोग खड़े थे, यहां अधिकांश दुकानों पर ताला लगा हुआ था। सामान्य दिनों के मुकाबले भीड़ भी कम ही नजर आई। लोगों के चेहरे पर एक दिन पहले हुई घटना को लेकर दहशत दिखाई दी।