सहारनपुर। घने कोहरे और दिनोंदिन बढ़ती सर्दी से रोडवेज बसों में यात्री भी कम होने लगे हैं। ठंड से बचने के लिए अधिकतर यात्री दिन में ही सफर करना पसंद कर रहे हैं। बदले हालात को देखते हुए रोडवेज के अधिकारियों ने रात्रिकालीन बसें कम कर दिन के समय बसों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों की संख्या कम होने से रोडवेज की आमदनी प्रतिदिन कम हो रही है।
सहारनपुर परिवहन निगम परिक्षेत्र में छह डिपो हैं, जिनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, खतौली, छुटमलपुर, शामली और गंगोह शामिल हैं। इन डिपो से 578 बसों का संचालन होता है। पिछले एक पखवाड़े से लगातार कोहरा और ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोग बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा कर रहे हैं। अधिकांश यात्री दिन में ही यात्रा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। रात्रि में यात्रा करने से बच रहे हैं, क्योंकि रात्रि में ठंड और अधिक बढ़ जाती है। ठंड के कारण यात्रियों की संख्या कम होने का असर परिवहन निगम की आय पर भी हुआ है। प्रतिदिन की आय जो प्रतिदिन 75 लाख रुपये औसतन थी, वह अब 55 लाख रुपये प्रतिदिन औसत के हिसाब से हो रही है।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि ठंड कोहरा के कारण रात्रि की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं यात्रियों की संख्या भी कम हुई हैं। यात्रियों की संख्या कम होने से आय प्रभावित हुई है। दिन में ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन किया जा रहा है।
20 हजार यात्री हुए कम
घने कोहरे की वजह से रोडवेज में 20 हजार यात्री कम हुए हैं। जहां पहले महीने करीब एक लाख यात्री रोडवेज बसों में सफर करते थे, वह अब घटकर 80 हजार पर पहुंच गई है। इसके चलते रोडवेज को खासा नुकसान हो रहा।
आंकड़ों पर एक नजर
परिक्षेत्र के डिपो में कुल बसें - 578
कोहरे से पहले प्रतिदिन की आय - 75 लाख रुपये
कोहरे होने के चलते प्रतिदिन की आय - 55 लाख रुपये