सूचना छिपाने पर पार्षद प्रधान भी होंगे जिम्मेदार अमर उजाला ब्यूरो सहारनपुर। जिले में शहर से देहात तक यदि किसी स्थल पर किसी जमात का कार्यक्रम है या अन्य कोई सामूहिक आयोजन, उसकी जानकारी छिपाने पर संबंधित थानों के साथ ही क्षेत्र के पार्षदों और ग्राम प्रधानों को भी जिम्मेदार माना जाएगा। इसके साथ ही संदिग्ध मरीजों की समय पर सूचना न देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।निजामुद्दीन के धार्मिक आयोजन के बाद से की जा रही चेकिंग के दौरान पुलिस प्रशासन की टीमों की ओर से यह चेतावनी दी जा रही है। जिले में ही काफी संख्या में देसी और विदेशी जमातियों के जुटने, सामूहिक नमाज के प्रयास सहित अन्य आयोजनों के बारे में पुलिस की टीमों को समय से सूचनाएं ही नहीं मिल सकीं। यही वजह है कि अब लॉकडाउन के दौरान भी सर्च आपरेशन चलाना पड़ रहा है। यही नहीं, बिना अनुमति के आयोजन का सिलसिला जारी है। ऐसे ही मामलों में थाना कुतुबशेर में मौलाना सहित चार लोग गिरफ्तार किए गए और 70 लोगों पर केस हुआ। वहीं, बिना अनुमति आयोजन पर व्यापारी नेता राधेश्याम नारंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इनके अलावा बेहट, चिलकाना, देवबंद सहित अन्य जगहों पर ऐसे मामले सामने आए। एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि अब पार्षद, प्रधानों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशाओं, पुलिस टीमों के अलावा जनप्रतिनिधियों के माध्मय से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। इसके लिए उनकी जिम्मेदारी भी तय की जा रही है।