सुलतानपुर में काव्य पाठ करती छात्रा अस्मा कुरैशी।
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सहारनपुर, चिलकाना। हिंदी पखवाड़े के समापन पर कविता, भाषण तथा सुलेख प्रतियोगिता के साथ साथ काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। भाषण में मिस्बा और काव्य में आस्मा प्रथम आई।
सुल्तानपुर के नव जनोदय इंटर कॉलेज में काव्य गोष्ठी का शुभारंभ बाल कवि नरेंद्र मस्ताना ने मां शारदे की वंदना के साथ किया। उन्होंने बाल कविता सुनाई - पापा मुझे मंगा दो घोड़ा, उस पर दिल्ली जाऊंगा। खूब हवा में बात करूंगा, खूब सवारी खाऊंगा। इसके बाद हास्य कवि शिवराज राजू ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर लिखी अपनी कविता में कहा कि एक दिन अपने खेत का मैंने किया मिलान, खड़ा खेत में बाजरा लिखे हुए थे धान। प्रसिद्ध गीतकार तथा कवि डा. विजेंद्रपाल शर्मा ने कहा कि हिंदी विश्व की सबसे समृद्ध भाषा है। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने अपने गीत में कहा कि जिस घर में होता सदा मां बाबा का मान, उस घर सदा विराजते सुख, समृद्धि, सम्मान। युवा कवि राजीव उपाध्याय यायावर ने खाट तथा बगड़ पर अपनी कविता सुनाकर गांव की यादों को ताजा कर दिया।
शिक्षक सवित कुमार, छात्रा आस्मा, वर्षा, मधु तथा शशिकांत ने भी अपनी कविताओं से बच्चों को भावविभोर किया। इस दौरान भाषण प्रतियोगिता में मिस्बा, शशिकांत तथा सूबीनाज को क्रमश: पहला, दूसरा, तीसरा तथा कविता प्रतियोगिता में आस्मा कुरैशी, वर्षा तथा मधु को प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार दिया गया।