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Saharanpur News: पीएम आवास ध्वस्तीकरण प्रकरण में पंचायत विभाग के अधिकारी तलब, एसडीएम को जांच

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संवाद न्यूज एजेंसी
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चौसाना। टोडा में पीएम आवास योजना में बने मकान को गिराने के मामले में ग्रामीणों के विरोध के बाद डीएम ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए है। साथ ही तहसीलदार ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को भी तलब कर मकान के स्थान व नक्शे के साथ कार्यालय में उपस्थित के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर लाभार्थी के बेटे को गंभीर हालात में करनाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने दिमाग में सूजन के चलते सीटी स्कैन कराया है।
चौसाना के गांव टोडा में पीएम आवास योजना की लाभार्थी अनारकली पत्नी मुकेश के निर्माणाधीन मकान को तहसील प्रशासन ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में गिरा दिया था। बताया जाता है कि ग्रामीणों व वन विभाग की शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की थी। कार्रवाई का विरोध कर रहे लाभार्थी महिला के बेटे नीरपाल को अटैक आ गया था, जिसको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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बुधवार को ही ग्राम प्रधान सोनू कुमार के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात की और नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार पर मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक कार्रवाई से अवगत कराया। ग्राम प्रधान सोनू कुमार ने बताया कि डीएम ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं। ग्राम सचिव रणवीर सिंह ने बताया कि हम लोगो ने मौके का निरीक्षण किया था। तहसीलदार ऊन सचिन कुमार ने तत्कालीन सचिव अनुज चौधरी और वर्तमान सचिव रणवीर सिंह को पीएम आवास से संबंधित सभी दस्तावेज, जियो टैगिंग व मकान के सत्यापन व नक्शे के साथ तलब किया है। साथ ही तहसीलदार ने लाभार्थी के बेटे के स्वास्थ्य के संबंध ग्राम प्रधान से जानकारी ली।



अनारकली ने बंया किया दर्द, घर पर पसरा सन्नाटा

चौसाना। टोडा गांव में प्रशासनिक कार्रवाई से लाभार्थी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लाभार्थी का इकलौता बेटा अस्पताल जिंदगी की जंग लड़ रहा है तो वहीं घर पर सन्नाटा पसरा है। गांव से दूर बसी बस्ती में मातम जैसा माहौल है। पीड़ित परिवार ने नायब तहसीलदार पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया है।
पीएम आवास की लाभार्थी अनारकली को अपने परिवार के लिए पक्के मकान व कच्ची छत से छुटकारे की खुशी बुधवार को मातम में बदल गई। एक और प्रशासनिक कार्रवाई के डर से लाभार्थी का इकलौता बेटा नीरपाल जिंदगी व मौत की लड़ाई लड़ रहा है। वहीं लाभार्थी परिवार का अपने घर का सपना भी टूट गया है। बृहस्पतिवार को अनारकली के कच्चे मकान पर कोई नही मिला। सभी अस्पताल में गए हुए थे। आसपास भी लोग भी प्रशासनिक कार्रवाई से दुखी हैं।
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अनारकली का एक बेटा नीरपाल व दो बेटियां रीना व रवीना है। अनारकली ने फोन पर बताया कि मैं अपने बेटे को बचाने की कोशिश में मीडिया से बात नहीं कर सकी। नायब तहसीलदार ने फोर्स के साथ मिलकर हमारे परिवार पर जुल्म ढाया। बंधक बनाकर पीटा और मोबाइल फोन तक छीन लिए। मेरे बेटे को लात मारी, जिसके कारण उसके सिर में सूजन आई है। चिकित्सकों ने सीटी स्कैन कराया है।
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