बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) में जैविक सब्जियां परोसी जाएंगी। यह जैविक सब्जियां विद्यालय परिसर में तैयार किचन गार्डन में उगाई जाएंगी। सभी विद्यालयों में ऐसे किचन गार्डन तैयार किए जाने हैं। अभी तक 210 विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार किए जा चुके हैं।
आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील विद्यालयों में ही मुहैया कराया जाता है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में एनजीओ पका पकाया भोजन उपलब्ध कराते हैं, जबकि देहात के विद्यालयों में वहीं पर भोजन तैयार किया जाता है, जिसके लिए रसोइयां रखी गई हैं।
भोजन तैयार करने के लिए विद्यालयों में किचन की व्यवस्था रहती है। लेकिन अब सरकार यह भी चाह रही है कि विद्यार्थियों को मिड-डे मील में जो सब्जियां परोसी जाएं वह विद्यालय परिसर में किचन गार्डन तैयार कर उसमें उगाई जाएं। सरकार का मानना है कि बाजार में बिकने वाली ज्यादातर सब्जियों को उगाते समय उन पर कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। यह सब्जियां सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं।
विद्यार्थियों का पेट भरने के साथ ही उनकी सेहत भी बनी रहे। इसी सोच के साथ विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार करने के विचार पर काम चल रहा है। किचन गार्डन में उन्हीं सब्जियों को उगाने के लिए कहा गया है, जो मिड-डे मील के मैन्यु में शामिल हैं। इनमें बैंगन, कद्दू, लौकी, भिंडी, आलू आदि शामिल हैं। यह सब्जियां ना केवल जैविक होंगी, बल्कि रसोई के लिए ताजी भी होंगी, जिनको साथ के साथ तोड़कर पकाया जाएगा। जनपद में कुल 1438 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें से अभी तक 210 विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार किए जा चुके हैं या किए जा रहे हैं।
विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार करने की योजना सराहनीय है। हमारे ज्यादातर विद्यालयों के पास इतनी जगह है कि हम किचन गार्डन तैैयार कर सकते हैं। अभी तक 210 विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार किए जा चुके हैं, जहां सब्जियां उगाई जा रही हैं। यह सब्जियां जैविक होने के कारण शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं।
- अतुल कुमार, जिला समन्वयक, मिड-डे मील योजना
किचन गार्डन में लगे बैंगन।- फोटो : SAHARANPUR
विद्यालय का किचन गार्डन।- फोटो : SAHARANPUR