उत्तर प्रदेश क्षत्रिय महासभा की बैठक में शादी-विवाह में फिजूल खर्च, दहेज, मृत्यु भोज पर प्रतिबंध लगाने और बरात में केवल 21 लोगों को ही ले जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और मेधावी बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का अभियान शुरू किए जाने पर भी सहमति बनी।
सहारनपुर में बेहट के कलसिया में ठाकुर रणवीर सिंह के आवास पर आयोजित महासभा में प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर कान सिंह राणा ने कहा कि समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं की हिम्मत और साहस को बढ़ाने के लिए उन्हें प्रत्येक वर्ष सम्मानित किया जाता है ताकि उनमें आगे बढ़ने की भावना जागृत हो। महानगर अध्यक्ष ठाकुर रणधीर सिंह राणा ने सरकार से क्षत्रिय योद्धाओं का इतिहास तलाश कर शीघ्र इतिहास में दर्ज कराए जाने की मांग की।
मास्टर अशोक राणा ने छात्र-छात्राओं में उच्च शिक्षा संस्कार और खेल भावना को उच्च कोटि तक ले जाने के लिए कोचिंग सेंटर एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने पर बल दिया। ब्लॉक प्रमुख मुजफ्फराबाद प्रतिनिधि ठा. योगेश प्रताप राणा ने युवाओं में योग, खेल, तकनीकी शिक्षा समाज के हर बच्चे को मिलने का समर्थन किया। पूर्व सैनिक मोर्चे के अध्यक्ष ठा. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सामाजिक बुराइयों के खात्मे के लिए समाज के शिक्षित और जिम्मेदार लोगों को एकजुट होकर आगे आना होगा।
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बैठक में भोजवीर सिंह, सतपाल सिंह, लोकेश राणा, साहब सिंह, मान सिंह, रजनीश प्रताप, उदय सिंह, आशीष चौहान, चंद्रहास, गौरव चौहान, अनिल चौहान, प्रमोद कुमार, मा. मोतीराम, चरण सिंह, करण सिंह, राणा बलवीर सिंह व जोनी राणा आदि रहे। अध्यक्षता साहब सिंह पुंडीर व संचालन नाथी सिंह पुंडीर ने किया।