संवाद न्यूज एजेंसी
बेहट। मांझीपुर में कुर्बानी को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा विरोध करने पर पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कुर्बानी बंद करा दी। इस गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग जिस स्थान पर पहले कुर्बानी करते थे, वह स्थान किसी और ने खरीद लिया। इसके चलते प्रशासन ने उन्हें दूसरी जगह कुर्बानी की अनुमति दी थी, लेकिन विरोध होने पर पुलिस प्रशासन को कुर्बानी रोकनी पड़ी।
कोतवाली बेहट क्षेत्र के गांव मंझीपुर में कुर्बानी नहीं होती है। यहां के मुस्लिम समुदाय के लोग ईद उल अजहा की नमाज के बाद पास के गांव नंगला झंडा में कुर्बानी करते आ रहे थे। पिछले वर्ष नंगला झंडा में वह जगह जहां पर कुर्बानी होती थी, किसी ने खरीद ली। इस पर मांझीपुर के लोग इस वर्ष दूसरे स्थान पर कुर्बानी करने की अनुमति के लिए पुलिस प्रशासन के पास पहुंचे थे। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने पास के गांव पाजराना के जंगल में एक स्थान पर कुर्बानी करने की अनुमति दी थी। बृहस्पतिवार सुबह जब मुस्लिम समुदाय के लोग अनुमति वाली जगह पर कुर्बानी की रस्म अदा कर रहे थे तो मंझीपुर गांव के ही दूसरे समुदाय के लोगों ने अधिकारियों को फोन कर इसका विरोध किया। इसके बाद एसडीएम दीपक कुमार, तहसीलदार प्रकाश सिंह व सीओ रुचि गुप्ता फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और कुर्बानी बंद करा दी। ग्राम प्रधान हाजी असलम का कहना था कि प्रशासन की अनुमति के बाद ही वह कुर्बानी कर रहे थे।
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-वर्जन-
पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर कुर्बानी की अनुमति दी गई थी। विरोध होने पर अनुमति को निरस्त कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से सही बात नहीं की।
दीपक कुमार, एसडीएम बेहट
नालियों में खून बहने से रोष
बेहट। गांव भकरोड में कुर्बानी के दौरान नालियों में खून बहकर आने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया। सूचना मिलते ही बेहट पुलिस मौके पर पहुंची और नालियों की साफ-सफाई कराकर मामला शांत कराया। पुलिस ने दूसरे पक्ष को एहतियात बरतने की हिदायत दी है। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना था कि कुर्बानी के लिए चिह्नित स्थान पर कुर्बानी के दौरान भारी बारिश होने से खून पानी के बहाव के साथ नालियों में पहुंच गया। बारिश ज्यादा थी, इसलिए यह सब हुआ। चिह्नित स्थान पर उनके द्वारा गड्ढा खोदा गया था। इस पर पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को कुर्बानी के दौरान एहतियात बरतने की हिदायत दी। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया की ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाया गया था, उनके द्वारा नालियों और गलियों की साफ-सफाई कराई गई है। गांव में शांति व्यवस्था बनी है।