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Saharanpur News: टूटी अधिकारियों की नींद, सड़कों को गड्ढामुक्त का काम शुरू

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सहारनपुर। टूटी सड़कों को लेकर आखिर निगम के अधिकारियों की नींद टूट ही गई। निर्माण विभाग ने बुधवार से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया। पहले दिन कोर्ट रोड और दिल्ली रोड पर गड्ढों को भरा गया। निगम ने 15 दिन के भीतर सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा है।
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स्मार्ट सिटी होने के बावजूद महानगर की ज्यादातर और प्रमुख सड़कें टूटी हैं, जिनके कारण एक ओर जहां लोग और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर गड्ढों के बीच से हिचकोले खाते हुए निकलने वाहन चालकों को समय और इंधन अधिक खर्च करना पड़ रहा था। जनता की इस समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने अभियान चलाते हुए पूरे महानगर की सड़कों पर फोकस करते हुए अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया। अंतत: हुआ यह कि नगर निगम ने बुधवार से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू कर दिया। पहले दिन अधिशासी अभियंता अमरेंद्र गौतम की देखरेख में गड्ढे भरने का काम हुआ। निर्माण विभाग की टीम मशीन लेकर पहुंची थी। कलक्ट्रेट के गेट के ठीक सामने महीनों से बने बड़े गड्ढे को भरने के साथ ही दिल्ली रोड पर दूर तक हुए गड्ढों को भरकर सड़क को दुरुस्त किया गया।
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नागरिकों की बात
डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि सड़कें नागरिकों की बुनियादी जरूरतों में से एक हैं, जिनको दुरुस्त रखा जाना चाहिए। निगम ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू किया है, यह अच्छी बात है।
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कनुज कपिल का कहना है कि शहर भर की टूटी सड़कों के कारण आम से लेकर खास आदमी तक परेशान है। निगम को गड्ढे भरने का कार्य गति के साथ करते हुए सड़कों को दुरुस्त करना चाहिए।
सिद्धार्थ बंसल ने जन समस्या उठाने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद करते हुए कहा कि अधिकारियों को जन समस्याओं को समझना चाहिए। सड़कों की समस्या ऐसी है, जो सबकाे नजर आती है।
मनीष मंगल का कहना है कि एक ओर जहां प्रदेश भर में तमाम हाईवे बन रहे हैं। वहीं शहर के बीच खासकर स्मार्ट सिटी की सड़कों की बदहाली व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
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बाहरी कॉलोनियों पर भी ध्यान दे निगम
शहर की बाहरी कॉलोनियों, जिनमें 32 गांव भी शामिल हैं कि सड़कों की हालत खराब है। लंबे समय से लोग टूटी सड़कों पर चल रहे हैं। चकदेवली से ज्ञानागढ़ को जाने वाला मार्ग, शकलापुरी मार्ग, पुराना कलसिया रोड, हकीमपुरा मार्ग, हनुमानगर से तोता चौक की ओर आने वाला मार्ग टूटा हुआ है। वार्ड 66 में कमेला क्षेत्र से कोलागढ़ की ओर जाने वाला मार्ग वर्षों से कच्चा ही पड़ा है। इस मार्ग पर बिना बारिश के कीचड़ रहता है, जिसके बीच से निकलकर लोगों को गुजरना पड़ता है। वार्ड 66 में ही रजबाहे की दोनों पटरी कच्ची हैं, जबकि इसके दोनों ओर करीब आधा दर्जन कॉलोनियां हैं। पेपर मिल रोड भी जगह-जगह से टूटी है। ऐसी बाहरी कॉलोनियों की सड़कों पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
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नगर निगम ने शहर की 26 सड़कों को चिह्नित किया है, जिनको गड्ढामुक्त किया जाना है। गड्ढों को भरने का कार्य बुधवार से शुरू कर दिया गया है। प्रयास यह है कि अगले 15 दिन में सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएं।
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अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता।
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