श्मशान की जमीन पर भरा पानी,अंतिम संस्कार करने में परेशानी
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सहारनपुर में नगर निगम सड़क दूधली के श्मशान में शवों के दाह संस्कार के लिए व्यवस्था नहीं दे सका है। नतीजा पूरे श्मशान घाट में जल भराव है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को शव को चकरोड पर रखकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
श्मशान नगर निगम की संपत्ति में आते हैं, जिनमें नागरिकों को शवों के दाह के लिए बेस और छतरी बनाकर देना निगम की जिम्मेदारी है। बीते पांच साल में नगर निगम ने अनेक श्मशानों में व्यवस्था करके दी है, लेकिन नगर निगम सड़क दूधली के श्मशान में छतरी आदि बनाकर देना भूल गया। नतीजा बरसात के मौसम में जब भी किसी का निधन होता है तो स्थानीय लोगों को उसका दाह संस्कार करने में परेशानी रहती है।
शुक्रवार को भी ऐसी ही घटना हुई। एक व्यक्ति की मौत के बाद जब ग्रामीण उसके अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर श्मशान पहुंचे तो वहां श्मशान में जलभराव हुआ मिला। ऐसे में ग्रामीणों को शव श्मशान को जाने वाले रास्ते पर ही रखकर फूंकना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने नगर निगम के खिलाफ नारे भी लगाए। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि वह अनुसूचित जाति से हैं। शायद इसीलिए निगम निगम अनदेखी कर रहा है।
श्मशान की जमीन पर कब्जा-
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि श्मशान की भूमि 18 बीघा है। लोगों ने भूमि को काट- काटकर अपने खेतों में मिला लिया है। लगातार कब्जे हो रहे हैं। निगम से इसकी भी शिकायत की गई थी, लेकिन निगम इसकी पैमाइश नहीं करा रहा है।
सड़क दूधली में शव को रास्ते पर रखकर दाह संस्कार करने की जानकारी मिली है जो चिंताजनक है। इसकी जानकारी नहीं थी। 15वें वित्त में प्राथमिकता के साथ श्मशान में व्यवस्था करके दी जाएगी, जिससे ग्रामीणों को शवों के दाह संस्कार में परेशानी ना आए। - गजल भारद्वाज, नगर आयुक्त