सहारनपुर। अब बिजली मीटर रीडिंग में खेल नहीं चल सकेगा। विद्युत निगम ने बिजली बिलों में गड़बड़ी रोकने के लिए जिले में नौ हजार से अधिक उपभोक्ताओं के यहां कनेक्शन पर एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) लगाकर रीडिंग होगी। पांच से नौ किलोवाट उपभोक्ताओं के बिजली बिल बनेंगे। गलत रीडिंग भरने के मामलों में भी गिरावट आएगी। इससे उपभोक्ताओं को गलत बिलों से राहत मिलेगी।
जिले में साढ़े छह लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। अब विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों से राहत देने के लिए एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) आधारित बिलिंग का निर्णय लिया है। विद्युत निगम के अधिकारियों का मानना है कि मैनुवल बिल बनने में गलत बिजली बिल बनने की संभावना रहती है। इसके चलते हर महीने उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल मिलते हैं। उपभोक्ताओं को बिजली बिल ठीक कराने के लिए उपकेंद्रों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एमआरआई से बिजली बिल बनाएं जाएंगे। इसमें पांच से नौ किलोवाट के उपभोक्ताओं को शामिल किया गया हैं। जिले में ऐसे उपभोक्ता 9114 हैं। मुख्य अभियंता एके आत्रेय ने बताया कि एमआरआई से बिजली बिल बनाने का काम चल रहा है।
ऐसे काम करती है मशीन
एमआरआई मशीन को उपभोक्ताओं के यहां लगे मीटर में एक छोटी केबल के जरिए कनेक्ट किया जाएगा। इस मशीन से मीटर की रीडिंग के अलावा कनेक्शन पर स्वीकृत लोड और उस वक्त चल रहे लोड की जानकारी मिल जाएगी। ओवरलोडिंग की भी जानकारी मिल जाएगी। अभी तक मीटर रीडर रीडिंग को नोट कर मशीन से बिल बनाता है।