सहारनपुर। टीबी रोगियों को पूर्ण स्वस्थ बनाने और गुणवत्ता परक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनपद में हर माह की 15 तारीख को निक्षय दिवस मनाया जाएगा। जिला अस्पताल, नगरीय एवं ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर टीबी मरीजों की जांच होगी। ओपीडी में 10 फीसदी मरीजों की बलगम की जांच होगी।
वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। टीबी मरीजों के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। अब हर माह की 15 तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा। जहां टीबी के मरीज की पहचान कर इलाज और योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया कि टीबी एक प्रमुख सामाजिक समस्या है। इसको जड़ से मिटाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर सामूहिक प्रयास की जरूरत है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर भ्रमण करेंगी। टीबी और दिवस के आयोजन के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी। निक्षय दिवस की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि शासन से निक्षय दिवस मनाए जाने का पत्र मिल गया है। आशा कार्यकर्ता संभावित टीबी मरीजों की सूची तैयार कर उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक लाने का काम करेंगी। कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर द्वारा मरीजों की एचआईवी, डायबिटीज की जांच की जाएगी। वहीं बलगम का सैंपल लेकर नजदीकी टीबी जांच केंद्र पर भेजा जाएगा। निक्षय दिवस पर ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के सापेक्ष 10 प्रतिशत मरीजों की बलगम जांच की जाएगी।