सहारनपुर। अब अंतरराज्यीय बस स्टैंड के लिए महानगर में दिल्ली रोड पर जमीन की तलाश होगी। शासन ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन काॅरपोरेशन को जिम्मेदारी सौंप दी है। सर्वे करने के लिए टीम जल्द सहारनपुर में पहुंचेगी। आवास विकास परिषद की जमीन पर असमंजस की स्थिति बरकरार है।
बुधवार को लखनऊ में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बस स्टैंड के लिए बैठक की। इसमें सहारनपुर से मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र शामिल हुए। इनके अलावा परिवहन निगम व आवास विकास परिषद के अफसर भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बस स्टैंड को लेकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसके बाद बैठक में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन काॅरपोरेशन को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है। यह एक सरकारी संस्था है, जो जमीन को विकसित कर उसे बेचती है। एनबीसीसी सहारनपुर में परिवहन निगम की जमीन को विकसित करेंगी। उसमें मॉल, होटल या फिर अन्य सुविधा के अनुसार बनाया जाएगा। इसके बाद इस जमीन को बेचकर महानगर में दिल्ली रोड पर बस स्टैंड के लिए जमीन खरीदी जाएगी। जो भी नई जमीन खरीदी जाएगी, उसका सर्वे एनबीसीसी करेंगी।
नहीं होगी जमीनों की अदला-बदली
लखनऊ में हुई बैठक से एक बात तो साफ हो गई है कि परिवहन निगम व आवास विकास परिषद की जमीनों की अदला-बदली नहीं होगी। आवास विकास परिषद ने जमीन के बदले जमीन देने से मना किया है। वह अपनी जमीन को बेचेगी।
कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कराएंगे : विधायक
नगर विधायक राजीव गुंबर ने बताया कि महानगर में बस स्टैंड को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कर बस स्टैंड के निर्माण का कार्य शुरू कराने के लिए अनुरोध करेंगे। 2027 से पहले महानगर को बस स्टैंड दिलाने का संकल्प है।
लखनऊ में बस स्टैंड को लेकर मुख्य सचिव की बैठक हुई, जिसमें वह भी शामिल रहे। हमने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसके बाद बैठक में बस स्टैंड की जमीन की तलाश करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन काॅरपोरेशन को जिम्मेदारी देने पर निर्णय हुआ है। प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द बस स्टैंड के लिए जमीन मिल जाए।
- डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी