सहारनपुर। जनपद में एक भी परिषदीय विद्यालय अब जर्जर नहीं रहेगा। बेसिक शिक्षा विभाग अभियान चलाकर जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण करा रहा है। अब तक 65 विद्यालय ध्वस्त कराए जा चुके हैं। शेष 70 विद्यालयों को दिसंबर माह में ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही बजट के लिए शासन को पत्र भी लिख दिया गया है। नए सत्र से पहले बजट मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद संबंधित विद्यार्थी नए भवनों में बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।
जनपद में कुल 1,438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से करीब 180 विद्यालय ऐसे चिह्नित किए गए थे, जिनके भवन 50 से 60 वर्ष पुराने होने के कारण उनके भवन जर्जर थे। बरसात के दिनों में इन विद्यालयों के विद्यार्थियों पर खतरा रहता था। इनमें से 40 विद्यालयों के जर्जर भवनों को पहले ही ध्वस्त कर नए भवनों का निर्माण हो चुका है। अब शेष 135 विद्यालयों में नए भवन निर्माण की तैयारी चल रही है। इनमें से 65 विद्यालयों के भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं। शेष 70 विद्यालयों के भवनों को ध्वस्त करने का कार्य चल रहा है। दिसंबर 2023 में सभी 70 विद्यालयों के भवन ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने 110 विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए शासन को बजट की मांग की गई है। विभाग को नए सत्र से पहले बजट मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पैसा मिलेगा तुरंत काम शुरू कराया जाएगा, जिससे कि नए सत्र से विद्यार्थी नए भवनों में बैठकर पढ़ाई कर सकें।
भूकंपरोधी बन रहे विद्यालयों के नए भवन
जर्जर भवनों के स्थान पर जो नए भवन बनाए जा रहे हैं वह भूकंपरोधी तो हैं ही। साथ ही उनमें रैन वाटर हार्वेस्टिंग भी लगाए जा रहे हैं। इससे एक ओर जहां विद्यार्थी सुरक्षित रहेंगे, वहीं वर्षा का पानी संचित कर भूगर्भ जल रिचार्ज होगा। साथ ही प्रत्येक कक्ष में दो दरवाजे और खिड़कियों का भी प्रावधान है, जिससे कक्षों में रोशनी और ताजी हवा आ सके।
जिन विद्यालयों के भवन जर्जर थे उनको शासन की मंशा के अनुरूप ध्वस्त कराया जा रहा है। 110 विद्यालयों के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। जिस तरह से शासन गंभीर है। ऐसे में हमें बजट जल्द ही मिलने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। प्रयास यही रहेगा कि नए सत्र में विद्यार्थी नए भवनों में पढ़ाई कर सकें। - डॉ. विनीता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी