देवबंद/सहारनपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने संयुक्त रूप से छापा मारकर बिहार निवासी एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि युवक को 2013 में प्रधानमंत्री की चुनावी रैली के दौरान हुए सिलसिलेवार ब्लास्ट के मामले में उठाया गया है। चर्चा है कि पकड़ा गया युवक पाकिस्तान में कॉल करने के साथ-साथ विदेशी फंडिंग से भी जुड़ा है।
शनिवार तड़के एनआईए, आईबी और एटीएस की संयुक्त टीम ने नगर के मोहल्ला खानकाह स्थित बड़ा दरवाजा में एक किराये के मकान में छापा मारा। जहां पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। वह बिहार के जिला कटिहार के थाना बलरामपुर कमरा टोला गांव का रहने वाला बताया गया है। युवक वर्ष 2008 में नगर के एक मदरसे में शिक्षा ग्रहण कर चुका और वर्तमान में एक कुतुबुखाना (पुस्तकों की दुकान) में कार्य कर रहा था। टीम संदिग्ध के साथ ही उसकी पत्नी और बच्ची को भी साथ लेकर देवबंद के एटीएस सेंटर लेकर गई थी, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। युवक को अपने साथ दिल्ली ले गई। एक लैपटॉप भी उसके पास से मिला। जिसे एनआईए ने कब्जे में लिया है।
बताया जा रहा है कि 2013 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना में रैली थी, हालांकि उस समय नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे। चुनावी रैली के दौरान सिलसिलेवार कई ब्लास्ट हुए थे, जिसमें काफी लोग मारे गए थे। चर्चा है कि उसी मामले में एनआईए की टीम ने देवबंद से युवक को उठाया है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि युवक पाकिस्तान में कॉल करता था। जिसके पास से कुछ दस्तावेज भी मिले हैं।
उधर, एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि एनआईए के डीएसपी को फोर्स उपलब्ध कराई गई थी। टीम किसे अपने साथ लेकर गई है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।