नानौता। उमाही राजपूत गांव में वाल्मीकि समाज की नवविवाहिता को परिवार के साथ मंदिर में मत्था टेकने से रोकने का मामला चर्चा का विषय बन गया। यह आरोप लगाते हुए वाल्मीकि समाज के लोगाें ने एसएसपी से शिकायत की थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम और सीओ ने मामले की जांच की, लेकिन दोनों समाज के लोगों के बीच पंचायत में समझौता हो गया।
वाल्मीकि समाज के लोगों ने एसएसपी से मिलकर बताया कि गांव उमाही राजपूत में 29 अक्तूबर को वाल्मीकि समाज के एक परिवार में युवक की शादी हुई थी। परिवार के लोग नवविवाहिता को गांव के मंदिर में मत्था टिकवाने ले गए थे। आरोप है कि दूसरे समाज के कुछ लोगों ने नवविवाहिता को मंदिर में मत्था टेकने से रोक दिया। एसएसपी से शिकायत के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर एसडीएम श्वेता पांडेय और सीओ चित्रांशु गौतम ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की। इसको लेकर दोनों पक्षों से जानकारी ली। जांच में आया है कि दोनों समाज के लोगों में गलतफहमी हो गई थी। दोनों समाज के लोगों ने मिल बैठकर समझौता कर लिया है।
दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी हो गई थी। ऐसा नहीं था। जिसे लेकर समाज के लोगों में समझौता हो गया है।
-सागर जैन, एसपी देहात