संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ द्वारा नेपाल से आयात किए गए टमाटर के जनपद में नहीं पहुंचने से उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल सकी है। आयातित टमाटर बृहस्पतिवार से 50 रुपये प्रति किलो दर से बिकना था। मंडी में टमाटर का थोक भाव 60 से 65 रुपये और दिल्ली रोड स्थित सब्जी मंडी फुटकर में इसका औसत भाव 80 रुपये प्रति किलो रहा।
टमाटर के महंगे भाव ने इसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया है। जनपद में एक समय टमाटर का फुटकर भाव 200 रुपये प्रति किलो से अधिक हो गया था। इसे देखते हुए सरकार ने आम उपभोक्ताओं को 50 रुपये प्रति किलो के रियायती भाव में टमाटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इसके लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता सरकारी संघ (एनसीसीएफ) ने नेपाल से दस टन टमाटर आयात करने का अनुबंध किया। बृहस्पतिवार से 50 रुपये प्रति किलो की दर से इस आयातित टमाटर की बिक्री की जानी थी, लेकिन आयातित टमाटर के जनपद में नहीं पहुंचने से इसका औसतन फुटकर भाव 80 रुपये प्रति किलो रहा।
वर्जन
नेपाल से आयातित टमाटर मंडी में नहीं पहुंचा है। अभी यहां पर बंगलूरु से टमाटर की आवक हो रही है। बृहस्पतिवार को टमाटर का मंडी में थोक भाव 60 से 65 रुपये प्रति किलो रहा। - सुमन भारती, सचिव, सहारनपुर मंडी।
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बोलीं गृहिणियां -
महंगाई के चलते टमाटर खरीदना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते गृहिणियां सब्जियों में टमाटर का कम प्रयोग कर रही हैं। सरकार जनपद में भी रियायती भाव पर टमाटर उपलब्ध कराए। सोनिया बजाज, बेरीबाग।
टमाटर के भाव अभी भी आम आदमी की पहुंच से बाहर है। महंगे टमाटर ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए ठोस काम करे। मधु खुराना, नुमाइश कैंप।