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Saharanpur News: न रोडवेज और न प्राइवेट, डग्गामार वाहनों के भरोसे 80 से अधिक गांव

Fri, 06 Oct 2023 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर बरौली मार्ग पर टेंपों पर लटकी सवारियां। संवाद
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छुटमलपुर। लोकसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में एक बार फिर से जनता को लोक लुभावने सपने दिखाए जाएंगे। कहीं विकास कार्यों का दावा किया जाएगा तो कहीं परिवहन की सेवाओं को बेहतर बनाने के ख्वाब दिखाए जाएंगे, लेकिन जिले में परिवहन की सुविधाओं पर नजर डालें तो कई ऐसे रूट हैं, जो आज भी डग्गामार वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसा ही एक रूट है सहारनपुर-जहानपुर मार्ग। करीब 40 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 80 से अधिक गांव आते हैं, जहां का आवागमन डग्गामार वाहनों के भरोसे है।
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यह सड़क मार्ग सहारनपुर से शुरू होकर चकहरेटी, खुर्द, सरकड़ी शेख, हसनवाली, पुवांरका, मुगल माजरा, सुंदलहेड़ी, लखनौती कलां, लखनौती खुर्द, बिशनपुर, लंढोरा, करोंदी, झिंझोली, बरौली, सुन्हेटी, पठलोकर, नियामतपुर, जमालपुर, समसपुर, मुस्सापुर, ताल्हापुर गांवों के बीच से होकर जहानपुर तक जाता है। इस पर जहां शाकुंभरी विश्वविद्यालय स्थित है वहीं ब्लाॅक मुख्यालय पुवांरका भी पड़ता है। मुजफ्फराबाद ब्लाॅक मुख्यालय जाने वाले ग्रामीण भी इसी मार्ग से बरौली तक जाते हैं। इस मार्ग पर सहारनपुर-शाकंभरी वाया कालूवाला तथा संबंधित मार्ग के नाम से 52 बसों के परमिट भी जारी हैं। वर्ष 1970 से इस मार्ग पर लगातार प्राइवेट बसों का संचालन होता रहा, लेकिन अगस्त 2021 में यह बंद हो गया। सपा सरकार में रोडवेज की एक बस सेवा बरौली से अंबाला तक चलाई गई थी जो सुबह जाती थी और शाम को वापस आती थी वह भी कई साल पहले बंद कर दी गई।

बड़ी तादाद में होता है यात्रियों का आवागमन
बसों के न चलने से इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों और स्कूल काॅलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को डग्गामार वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। लंढोरा के अमित त्यागी, करौंदी के गौरव राणा, पुवांरका के विक्की, लखनौती के असलम, जहानपुर के जसबीर आदि ने बस सेवा संचालित कराने की मांग की है।
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ज्यादा दूरी करनी पड़ रही तय
गांव जहानपुर निवासी दीपक का कहना है कि बसों का संचालन बंद होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले वह सीधा जनता रोड से सहारनपुर चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें बिहारीगढ़ या फिर बेहट से होकर सहारनपुर जाना पड़ता है। इससे उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ ही उनकी जेब पर भी मार पड़ती है।

आरटीओ कार्यालय पर देंगे धरना : अजय पुंडीर

किसान मजदूर यूनियन लठैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पुंडीर का कहना है कि वह कई बार बस संचालन की मांग कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में अब उन्हें आरटीओ कार्यालय पर धरना देने को बाध्य होना पड़ेगा।

मजबूरी में बंद किया बसों का संचालन : जयंत राणा

बस आपरेटर यूनियन के अध्यक्ष जयंत राणा का कहना है कि इस रूट पर बसों के 52 परमिट होने के बावजूद उन्हें अवैध डग्गामार टेंपो संचालकों की दबंगई के चलते मजबूरी में बसों का संचालन बंद करना पड़ा है। टैक्स की भरपाई के लिए वह अपनी बसों को संबंधित मार्ग छुटमलपुर बेहट पर चला रहे हैं।
परिवहन मंत्री को लिखेंगे पत्र : विधायक

सहारनपुर देहात से सपा विधायक आशु मलिक का कहना है कि बस सेवा बंद होने की जानकारी नहीं थी। इस संबंध में प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री को पत्र लिख कर इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर बस सेवा बहाल कराने का काम करेंगे।

डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है। बस ऑपरेटर अपनी बसों का संचालन शुरू करें। विभाग की तरफ से टीम गठित कर डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- देवमणि भारतीय, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन
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