सहारनपुर। नगर निगम नजूल की संपत्तियों को बचाने में नाकाम साबित हो रहा है। एक ओर जहां नियम विरुद्ध जाकर ज्यादातर संपत्तियों के स्वरूप बदल दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कई आवंटियों ने संपत्तियों को बेच दिया है। ऐसे ही मामले में जिलाधिकारी की ओर से प्रमुख सचिव और नगरायुक्त को पत्र भी लिखे गए हैं।
महानगर में नगर पालिका के दौरान की 2.5 लाख वर्ग मीटर नजूल की भूमि है। इसमें एक लाख वर्ग मीटर के दो तालाब हैं, जिनमें एक मंडी समिति रोड स्थित धोबीवाला तालाब और दूसरा कमेला क्षेत्र स्थित सतीवाला तालाब। दोनों ही तालाब का क्षेत्रफल 50-50 हजार वर्ग मीटर का था, लेकिन धोबीवाला तालाब की करीब सात हजार वर्ग मीटर भूमि पर कब्जे हो गए या फिर सड़क बना दी गई। सतीवाला तालाब कमेला क्षेत्र में है, जिसको नगर निगम ने वर्षों से कचरे से पाटा हुआ है।
शेष 1.5 लाख वर्ग मीटर में 90 हजार मीटर भूमि हनुमान मंदिर से अग्रसेन चौक, हनुमान मंदिर से जीपीओ तथा जीपीओ से अग्रसेन चौक तक है। इनमें रेलवे रोड पर 47 दुकानें थी, जिनका स्वरूप बदला जा चुका है। हनुमान मंदिर से जीपीओ रोड तक भी ज्यादतर संपत्तियों का स्वरूप बदलकर शोरूम बना दिए गए हैं। रेलवे रोड और कोर्ट रोड की संपत्तियों में अनेक संपत्तियां बेची जा चुकी हैं। अधिकारियों की जांच में भी यह साबित हो चुका है। उक्त मामलों में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की ओर से प्रमुख सचिव और नगरायुक्त को पत्र भी लिखे गए हैं। बाकी 60 हजार वर्ग मीटर में से 27 हजार वर्ग मीटर भूमि पर जुबली पार्क है। बाकी कुछ जमीन जामा मस्जिद के बाहर है, जिसमें मार्केट बनी हुई है। यह संपत्ति मंडी जहीर मजाहिर गंज के नाम से थी।
32 गांवों की संपत्तियों का भी प्रबंधन नहीं
नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद नगर निगम की संपत्तियों में इजाफा हुआ। इसमें करीब 160 तालाब नगर निगम के स्वामित्व में आए। इसके अलावा ग्राम सभा की संपत्तियां भी नगर निगम के पास आई, लेकिन अभी तक इन संपत्तियों का ठीक से प्रबंधन नहीं हो सका है। अनेक संपत्तियों पर कब्जे हैं।
जिलाधिकारी द्वारा नजूल की संपत्तियों की जांच के लिए समिति बनाई हुई है, जिसमें एडीएम वित्त एवं राजस्व, एसडीएम सदर और मुझे शामिल किया गया है। संपत्तियों की जांच अभी चल रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी स्थिति सामने आएगी उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश यादव, अपर नगरायुक्त
नजूल की संपत्तियों में गड़बड़ी को लेकर जो भी शिकायतें मिल रही हैं। उनसे शासन को अवगत कराया जा रहा है, साथ ही नजूल की संपत्तियों को लेकर नई नियमावली आने वाली है। जैसे ही नियमावली प्राप्त होगी फिर उसके अनुरूप कदम उठाए जाएंगे।
- रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व