सहारनपुर। जन शिकायतों के निस्तारण के लिए हर माह दो बार तहसील परिसरों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। जिसमें न केवल जिलाधिकारी, बल्कि सभी विभागों के संबंधित अधिकारी भी अलग-अलग तहसीलों में समस्या सुनते हैं। इसमें फरियादियों की कितनी समस्याओं का समाधान हो रहा है यह पता करने के लिए अमर उजाला ने शनिवार को सदर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस की पड़ताल की। इसमें कुछ फरियादी ऐसे मिले, जिनके लिए समाधान दिवस आश्वासन की गोली बनकर रह गई।
बार-बार लगा रहे फरियाद, नहीं हो रहा समाधान
- गांव कातला खुर्द से आए ग्रामीण अब्दुल गफ्फार और नाथीराम ने बताया कि वह गांव में स्थित सरकारी स्कूल की भूमि पर हुए अवैध कब्जा को हटवाने के लिए कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी अभी तक अवैध कब्जा नहीं हटा है।
- पेपर मिल रोड स्थित कांशीराम कालोनी में आवास आवंटन की मांग को लेकर प्रियंका अपने ससुर यशपाल और दुधमुंहे बच्चे के साथ संपूर्ण समाधान पहुंची। उनका कहना है कि वह लोगों के घरों में काम करके गुजर बसर कर रही हैं। मकान नहीं होने के चलते वे कड़ाके की ठंड में भी बरामदे में सोने को मजबूर हैं। आवास आवंटन के लिए पिछले कई वर्ष से चक्कर काट रही हैं।
- लेबर काॅलोनी निवासी कलविंदर कौर ने बताया कि उनके पति लखविंदर सिंह की मृत्यु कोरोना से हो गई थी। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे। आर्थिक मदद के लिए पिछले ढाई साल से चक्कर काट रही है।
- ग्राम सकलापुरी निवासी विधवा सलेलता ने बताया कि उनकी करीब पौने दो बीघा जमीन बाईपास के लिए अधिग्रहीत हुई थी। इसके लिए उन्हें सिर्फ पांच लाख रुपये का मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन अवशेष मुआवजा राशि पाने के लिए उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जिलाधिकारी के सामने 42 शिकायतों में से दो का हुआ निस्तारण
सहारनपुर। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने तहसील सदर में आयोजित समाधान दिवस में जन समस्याओं को सुना। इस दौरान 42 शिकायतें आई। इनमें से दो का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया। इनमें राजस्व विभाग की 21, विद्युत निगम की तीन, पुलिस विभाग की आठ, नगर निगम की चार और अन्य छह शिकायतें शामिल हैं। जिलाधिकारी ने जरूरतमंद फरियादियों को कंबल वितरित किए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने पुलिस अधिकारियों को पुलिस संबंधी समस्याओं को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शुभम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक, उप जिलाधिकारी सदर युवराज सिंह, तहसीलदार सदर अमित कुमार आदि मौजूद रहे।