नागल के भाटखेड़ी रोड स्थित एक घेर में चर्चा करते किसान। संवाद
सहारनपुर, नागल। लोकसभा की सहारनपुर नंबर एक सीट के लिए मतदान 19 अप्रैल को होना है। ऐसे में सियासी पारा चरम पर है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कस्बे में जलभराव, प्राथमिक स्कूलों में गिरता शिक्षा का स्तर, स्टेट हाईवे पर ओवरब्रिज के अभाव में आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं इलाके की बड़ी समस्याएं हैं। जो भी इनका निराकरण कराएगा मतदाता उसे ही जनादेश देने का काम करेंगे।
मंगलवार को नागल के भाटखेड़ी रोड स्थित एक निजी प्रतिष्ठान पर कुछ किसान इकट्ठा थे जो चुनाव पर चर्चा में जुटे थे। इनमें मास्टर नारायण सिंह का कहना था कि प्राथमिक विद्यालयों का स्तर गिरा है। सरकार को चाहिए कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा पर ध्यान दें जिससे गांव के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर नहीं जाना पड़े। वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि कस्बे के बस स्टैंड पर पिछले काफी समय से ओवरब्रिज की मांग की जा रही है। रोज हादसे हो रहे हैं। अधिकारियों को लिखित में प्रार्थनापत्र दे दिए गए हैं। जो भी इसे बनवाने का भरोसा दिलाएगा उसे ही वोट दिया जाएगा।
निखिल त्यागी कहते हैं कि प्रत्याशी ऐसा होना चाहिए जो लोकसभा में युवाओं के लिए रोजगार के लिए चर्चा करें एवं उन्हें रोजगार देने का अवसर प्रदान करे। वहीं अनिल स्वामी कहते हैं कि बरसात होते ही कस्बे के में बाजार में जल भराव की भारी समस्या है। व्यापारियों की दुकानों में पानी भरकर उनका सामान खराब हो जाता है। बिल्लू त्यागी कहते हैं कि पांडोली रोड पर जल निकासी नहीं है जिससे सड़क बार-बार टूट जाती है वहीं सड़क के किनारे बने नाले में पानी सड़ जाता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं और संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
पप्पल चौधरी कहते हैं कि वर्षों पहले कस्बे में चेतना पार्क का निर्माण सरकार ने कराया था, लेकिन वह आधा अधूरा ही रह गया जिसमें झाड़ खड़े हैं। पार्क छोटे-मोटे अपराध करने वाले अपराधियों का ठिकाना बनकर रह गया हैं। सुबह सिंह मलिक कहते हैं कि कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन चिकित्सा सुविधा कुछ नहीं है। जो भी इन समस्याओं का हल करेगा उसे ही वे वोट देंगे।