सहारनपुर। नगर निगम परिसर में अवैध रूप से करीब 15 साल से मुंशी के तौर पर काम करने वालों को मंगलवार को बाहर कर दिया गया। कार्यकारिणी समिति की बैठक में कुछ सदस्यों ने मामला उठाया था, जिसके बाद महापौर और नगरायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को उन्हें बाहर चले जाने के लिए कह दिया गया।
नगर निगम में गृहकर एवं जलकर के साथ ही जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए दस्तावेजों की जरूरत रहती है। स्टांप पर शपथ पत्र आदि लिए जाते हैं। ऐसे में कई साल से करीब एक दर्जन लोग गृहकर एवं जलकर विभाग के बाहर बरामदे में अपनी कुर्सी मेज रखकर टाइप आदि करने का काम करते थे। इससे एक ओर जहां इनकी आय होती थी, वहीं काम के लिए आने वालों को एक ही छत के नीचे सुविधा मिल जाती थी। कुछ समय से इनकी शिकायत की जा रही थी।
आरोप था कि काम का कोई शुल्क निर्धारित नहीं है और यह लिपिकों के साथ मिलकर लोगों से अधिक वसूली करते हैं। 12 अगस्त को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी कुछ सदस्यों ने मामला उठाया। महापौर डॉ. अजय कुमार और नगरायुक्त संजय चौहान ने अतिक्रमण प्रभारी/कर अधीक्षक सुधीर शर्मा को उक्त लोगों निगम से बाहर करने के निर्देश दिए थे। जिसके अनुपालन में मंगलवार को सुधीर शर्मा ने सभी को निगम परिसर से बाहर कर दिया।