-नवादा रोड पर तैयार किए गए भवन में अगले महीने इंस्टॉल की जाएगी मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नगर निगम मां शाकुंभरी कान्हा उपवन गोशाला से निकलने वाले गोबर से एक नहीं, बल्कि कई खूबियों वाला पेंट तैयार करेगा। यह पेंट बड़े ब्रांड के मुकाबले सस्ता तो होगा ही, साथ ही इससे शरीर को किसी प्रकार का नुकसान तो होगा ही नहीं, बल्कि यह एंटी बैक्टिरियल और एंटी फंगल भी होगा।
नवादा रोड पर नगर निगम द्वारा मां शाकुंभरी कान्हा उपवन गोशाला का संचालन किया जा रहा है। नगर निगम गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है। इनमें एक ओर जहां गोमूत्र से गोनाइल यानी फिनाइल तैयार किया जा रहा है। वहीं गोबर गैस से जनरेटर चलाकर बिजली उत्पादित कर रहा है, जो गोशाला के काम आती है। इसके अलावा गोबर से कंडे, धूप बत्ती आदि बनाकर बेचता है।
गोशाला में 200 से अधिक गोवंश है, जिनसे प्रतिदिन कई क्विंटल गोबर निकलता है। इस गोबर का बड़ा हिस्सा किसानों को बेचा जाता है, जिसका इस्तेमाल किसान खेतों में खाद के रूप में करते हैं। अब नगर निगम ने गोबर से कंडे और धूप बत्ती बनाने के साथ ही पेंट बनाने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए नगर निगम प्लांट तैयार कर रहा है। नवादा रोड पर गोशाला से पहले बड़ा भवन बनाया गया है। मशीनें भी खरीद ली गई हैं, जिनको इंस्टॉल करने के बाद प्लांट को चालू किया जाएगा। इससे होने वाली आय को गोशाला में पल रहे गोवंश पर खर्च किया जाएगा।
-
गोबर से तैयार होने वाले पेंट के फायदे
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि गोबर से तैयार होने वाले पेंट में हैवी मेटल्स नहीं होंगे। इसके अलावा यह इको फ्रेंडली, विषैला नहीं होगा, एंटी फंगल होगा यानी इससे त्वचा पर किसी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होंगे। यह गंधहीन, आंखों में जलन नहीं करने वाला, हीट प्रोटेक्टिव यानी गर्मी को भवन के भीतर प्रवेश नहीं करने देगा। साथ ही अन्य बड़े ब्रांड के मुकाबले यह सस्ता होगा।
पेंट बनाने में होगा इनका इस्तेमाल
पेंट बनाने के लिए 20 से 30 फीसदी गोबर रहेगा। गोबर के बराबर पानी के साथ ही इसमें सोडियम हाइडोक्साइड, टाइटिनियम ऑक्साइड, चूना, बाइंडर, लिंसेड ऑयल आदि केमिकल डाले जाएंगे।
-
डिस्टेंपर और इमल्सन पेंट बनेंगे
प्लांट में दोनों तरह यानी डिस्टेंपरल और इमल्सन पेंट बनाए जाएंगे। इनके मूल्य की बात करें तो डिस्टेंपर पेंट बाजार में 120 रुपये प्रति लीटर और इमल्सन पेंट 225 रुपये प्रति लीटर बेचा जाएगा। जबकि बड़े ब्रांड के पेंट क्रमश: 250 और 350 रुपये लीटर मिलते हैं।
-
जयपुर के संस्थान से होगा समझौता
खादी विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन के तहत जयपुर में इंस्टीट्यूट है, जहां खादी इंडिया प्राकृतिक पेंट बनता है। नगर निगम उक्त के साथ समझौता करेगा। नगर निगम के सभी भवनों पर इसी पेंट का इस्तेमाल होगा। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से भी इसी पेंट को खरीदकर इस्तेमाल करने का आग्रह किया जाएगा।
-
नवादा रोड पर गोबर से पेंट बनाने का प्लांट अगले एक से डेढ़ महीने में चालू करने की योजना है। प्लांट के लिए भवन तैयार कर लिया गया है और मशीनें भी खरीद ली गई हैं। गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।
गजल भारद्वाज, नगरायुक्त