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मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय में शोक

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मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय में शोक
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सहारनपुर, नानौता/सरसावा/चिलकाना। मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। मुहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इमाम बारगाहों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया।
नानौता के इमाम बारगाह असद अली छत्ता में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मौलाना जुहैर अख्तर ने खिताब करते हुए इमाम हुसैन के जीवन पर प्रकाश डाला। मजलिस के बाद एक गश्ती जलूस निकाला गया जो इमामबारगाह इनायत हुसैन, इमाम बारगाह मासूमा बेगम, कसर ए जहरा, दरबार ए हुसैन कोट से होता हुआ इमाम बारगाह महल दादा मीराजी कर्बला होता हुआ नगर के मोहल्ला कानून गोयन स्थित इमाम बारगाह हुसैनिया इमामिया हाल से इमाम बारगाह सब्जवारियां कदीम पर जाकर खत्म हुआ। उर्दू शायर शौक आब्दी, सैय्यद शब्बर हुसैन, मोहम्मद मियां आब्दी, शाम जैदी, नावेद अख्तर उर्फ बबली जैदी, फरजंद अली, फैय्याज अली, मशाहिद रजा, नजेमुल हुसैन, शाह अब्बास जैदी, अता अब्बास जैदी, अली रजा, बरकत अली, रियाज जैदी रहे।
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चिलकाना के मोहल्ला जाकिर हुसैन स्थित बड़े इमामबाड़ा में दूसरे दिन की मजलिस को खिताब किया। मजलिस से पूर्व मरसिया ख्वानी हुसैन इमाम उर्फ नायाब ने पढ़ी। नोहा ख्वानी फैज, बिलाल, मौलाना अर्शी द्वारा पढ़ी गई। मजलिस में मूसा इमाम, मौलाना गमख्वार हैदर, तारीफ हुसैन, जावेद हुसैन, आरिफ हुसैन, जैनुल आबेदीन, अब्बास हुसैन, तहरीर अब्बास, प्रिंस हुसैन आदि मौजूद रहे।
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