सहारनपुर। मानकों को पूरा करने पर संभागीय परिवहन विभाग ने एक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल को मान्यता दे दी है। यहां भारी व हल्के वाहन को चलाने के लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब जिले में मोटर ड्राइविंग स्कूलों की संख्या तीन हो गई है। पहले इनकी संख्या दस होती थी। मानकों में बदलाव होने के बाद संख्या घटी।
इन दिनों लगातार सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। हर दिन सड़क हादसे में न जाने कितने लोग अपने किसी खास को हमेशा के लिए खो देते हैं। जांच में पता चलता है कि लापरवाही के कारण वाहन चलाने से सड़क हादसे ज्यादा हो रहे हैं। यह इसलिए होता है कि क्योंकि चालक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण नहीं लिए होते हैं। शासन ने पिछले साल ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों के मानकों में बदलाव किया था। इसी के चलते जिले में संचालित हो रहे दस ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों में से आठ के लाइसेंस मानक पूरे नहीं करने पर निरस्त हो गए थे। जिन आठ मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों के लाइसेंस निरस्त हुए थे, उनमें से दिल्ली रोड स्थित श्रीराम ग्रामीण ट्रेनिंग स्कूल ने शासन से निर्धारित मानकों को पूरा किया और प्रशिक्षण के लिए लाइसेंस मिल गया।
मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल चलाने के लिए शासन से जो मानक निर्धारित हैं, उनको श्रीराम ग्रामीण ट्रेनिंग स्कूल पूरा किया है। जिसे वाहन को चलाने के लिए लोगों को प्रशिक्षण देने का लाइसेंस मिल गया है। अब मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों की संख्या तीन हो गई है।
- अमित कुमार सैनी, आरआई, संभागीय परिवहन विभाग