तीन दिन पहुंचे पांच हजार से अधिक मरीज
सहारनपुर। बदलते मौसम में बीमारियां लोगों को तेजी के साथ चपेट में ले रही हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में तीन दिन में ही मरीजों की संख्या पांच हजार के पार पहुंच गई है। अब ऐसे में अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकों की कमी खल रही है। डॉक्टर कम होने के कारण मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, जब नंबर आता है तो चिकित्सक भी मरीज को मात्र दो मिनट का ही समय दे रहे हैं।
एसबीडी जिला अस्पताल में पिछले महीने तक रोजाना 1000 से 1200 मरीज आते हैं, लेकिन, बीते एक सप्ताह से जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई हैं। सोमवार को जहां 1990 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे तो वहीं मंगलवार को भी 1828 मरीजों ने चिकित्सकों को दिखाया। बुधवार को 1352 मरीज अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। इस प्रकार तीन दिन में 5171 मरीज जिला अस्पताल में आए। ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ फिजिशियन के पास है। क्योंकि, यहां आने वाले मरीजों में अधिकांश मरीज बुखार के हैं। यही नहीं इन तीन दिनों में आंख, कान व गला के 201, हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 441, दंत रोग विशेषज्ञ के यहां 175, सर्जन के यहां 326 और आयुष ओपीडी में 443 मरीजों ने दिखाया है। बुखार के 736 मरीज आए।
भीड़ के कारण मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर से मिलने तक में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के तबादलों के कारण चिकित्सक कम हैं, जिस कारण सभी ओपीडी भी नहीं चल रही है। जो डॉक्टर है उन पर मरीजों का इतना भार है कि वो मरीजों को देखने में डेढ़ से दो मिनट ही दे रहे है। प्रभारी प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश राठौर का भी कहना है कि मरीज अधिक आने के कारण चिकित्सकों की कमी खल रही है, भले ही दो मिनट में एक मरीज देख रहे है, फिर भी ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज जुकाम, वायरल बुखार और बदन दर्द के रहे।
- जांच कराने को लेकर हो रही परेशानी एसबीडी जिला अस्पताल में जांच कराने को लेकर भी मरीज परेशान हैं। 11 बजे के बाद जांच नहीं होती हैं। जिसके चलते सैकड़ों मरीजों को जांच कराने के लिए अगले दिन आना पड़ रहा है। सैंपल देने के बाद एक दिन बाद रिपोर्ट मिल रही है, जिस कारण ऐसे मरीज को इलाज कराने में दो से तीन दिन लग रहे हैं।
- त्वचा रोग व चेस्ट फिजिशियन के नहीं बन रहे पर्चे एसबीडी जिला अस्पताल में जब से त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह और चेस्ट फिजिशियन डॉ. जी रहमान का तबादला दूसरे जनपद में हुआ है तब से काउंटर से पर्चे नहीं बन रहे हैं। जिस कारण मरीज हताश होकर लौट रहे हैं। कुछ मरीज अन्य बीमारी का पर्चा बनवा कर दूसरे डॉक्टरों को दिखाते हैं। इन मरीजों का भार फिजिशियन की ओपीडी में बढ़ गया है। एक फिजिशियन की ओपीडी में एक दिन में 250 से 300 तक हो रही है।
- किस दिन कितनी हुई ओपीडी
22 अगस्त - 1990
23 अगस्त - 1829
24 अगस्त - 1352