आठ करोड़ से अधिक हो गया बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद की सात में से छह चीनी मिलें बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रही हैं। इसके चलते इन मिलों पर किसानों के 406 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। साथ ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज की धनराशि भी आठ करोड़ से अधिक हो गई है। जनपद में सिर्फ देवबंद चीनी मिल ने ही गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान किया है।
जिले में मिलों का पेराई सत्र समाप्त हुए करीब डेढ़ माह से अधिक का समय हो गया है। इसके बावजूद जिले की छह चीनी मिलों पर किसानों का 406 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। गन्ना क्रय अधिनियम में मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान भी है। लेकिन किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिल रहा है। इस समय किसानों की आर्थिक आवश्यकताएं अधिक होती है। गन्ना, धान सहित अन्य फसलों में किसान को उर्वरकों से लेकर कीटनाशकों तक का प्रयोग करना पड़ता है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को रोजमर्रा की आवश्यकताएं पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है।
चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान करने के लिए गन्ना विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। उम्मीद है कि शुगर मिलें भुगतान करने में तेजी लाएंगी। बकाया भुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल बकाया करोड़ में
गांगनौली 234.07
शेरमऊ 41.92
गागलहेड़ी 62.31
टोडरपुर 0.63
नानौता 43.86
सरसावा 24.09
नोट: गन्ना विभाग के आंकड़ो के अनुसार।