- फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद करने वालों की तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार ने बताया कि बांग्लादेश के रंगपुर का रहने वाला हबीबुल्लाह मिस्बाह उर्फ नाजिर और पिरोसपुर का निवासी अहमदुल्लाह उर्फ अब्दुल नवल ने अवैध रूप से भारत आने की बात कबूली है। दोनों का नाम भोपाल से गिरफ्तार शहादत हुसैन की जांच में सामने आया था। पता चला था कि दोनों ने शहादत हुसैन की पत्नी को कुछ रकम भेजी है।
दोनों भारतीय नागरिकता के फर्जी दस्तावेजों की मदद से सहारनपुर के देवबंद में छिपकर रह रहे हैं और देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल के पते पर भारतीय नागरिकता के कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए थे। एटीएस उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद करने वालों को तलाश रही है।
हबीबुल्लाह ने अपना भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन भी किया है। वहीं जेल में बंद बांग्लादेशी नागरिक शहादत हुसैन के बारे में बताया कि उसके भाई ने बांग्लादेश से रुपये भेजे थे, जिसे अहमदुल्लाह ने शहादत की पत्नी समा परवीन को दिया था।