- रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे और एनडीआरएफ ने की मॉकड्रिल
- ट्रेन हादसे से लेकर बचाव के तौर-तरीकों को लेकर किया अभ्यास
- डेढ़ घंटे तक चलता बचाव कार्य, कोच में जाने के लिए एनडीआरएफ टीम ने काटी छत
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन के नजदीक बृहस्पतिवार दोपहर बड़ा घटनाक्रम हुआ। ट्रेन का कोच पलटने के कारण उसमें आग लग गई, जिसमें एक यात्री की मौत हुई और 13 घायल हुए। जिन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचाया। दरअसल, यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि रेलवे और एनडीआरएफ की तरफ से कराई जा रही मॉकड्रिल का हिस्सा था। जिसमें सबकुछ उसी तरह दर्शाया गया जैसे ट्रेन हादसा हो गया हो। डेढ़ घंटे तक चली मॉकड्रिल में एनडीआरएफ की 40 सदस्यीय टीम ने बचाव कार्य किया।
बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे रेलवे स्टेशन के पास लाइन नंबर 13 पर ब्रेकडाउन क्रेन से ट्रेन के कोच को पलटवाया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे ट्रेन का कोच दुर्घटनाग्रस्त होते ही सायरन बज उठा। इस पर आरपीएफ, जीआरपी, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, काॅमर्शियल, विद्युत आदि विभागों के अधिकारी, कर्मचारी अलर्ट हो गए और घटनास्थल पर पहुंचे। देखा कि ट्रेन के कोच में आग भी लग गई।
इसके बाद रेलवे की एआरटी टीम ने कोच की छत को मशीन से काटना शुरू किया तो वहीं अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू किया। टीम ने बड़ी मुश्किल से तीन यात्रियों को अंदर से बाहर निकाला। दोपहर 12:30 बजे एनडीआरएफ को बुलाना पड़ा। एनडीआरएफ के दो स्निफर डॉग ने कोच के चारों तरफ का निरीक्षण किया। इसके बाद गाजियाबाद एनडीआरएफ आठ बटालियन के डिप्टी कमांडेंट एसके मौर्य के नेतृत्व में टीम ने गैस व हाइड्रोलिक कटर से धराशायी हुए कोच के खिड़कियों को काटना शुरू किया। इससे पहले दोपहर 1:27 बजे तक सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया। कोच से यात्रियों को रस्से से बांधकर भी लाया गया। घायलों को मेडिकल कैंप लाया गया। जहां इलाज शुरू हुआ। इसमें 13 घायल हुए, जबकि एक यात्री की मौत हुई। आठ यात्रियों की हालत गंभीर होने के चलते जिला अस्पताल रेफर किया। ऐसा हकीकत में नहीं बल्कि यह सब मॉकड्रिल के दौरान हुआ।
- एंबुलेंस के सायरनों से मची खलबली
रेलवे स्टेशन पर दोपहर 12 बजे ट्रेन दुर्घटना की जानकारी मिली तो खलबली मच गई। दो एंबुलेंस तेज रफ्तार से सायरन बजाते हुए शहर से गुजरीं तो लोग हैरान थे। एसडीएम सदर युवराज सिंह और सीओ द्वितीय रामकरण गाड़ी को दौड़ाते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। इनके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज से भी टीम पहुंची।
- यह रहे मौजूद
अंबाला मंडल से एडीआरएम हनुमान प्रसाद, सीनियर डीएसओ विलियम जीत सिंह, एएससी आरपीएफ अरुण कुमार, सीनियर डीएमई ओएंडएफ भूपेंद्र, जीआरपी सीओ श्वेता आशुतोष ओझा, सीएफओ प्रताप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी जगपाल सिंह, स्टेशन अधीक्षक एके त्यागी, आरपीएफ इंस्पेक्टर मोहित त्यागी, जीआरपी इंस्पेक्टर संजीव कुमार, सीएमआई प्रदीप गिल्होत्रा, नितिन बत्रा आदि अधिकारी शामिल रहे।