सहारनपुर। लोक निर्माण विभाग में सहारनपुर से मंत्री सहित चार बड़ी ताकतें हैं। उसके बाद भी 178 सड़कें पास नहीं हो सकी हैं। नतीजा लोग टूटी सड़कों पर चलने को मजबूर हैं।
विभाग ने जनपद की 178 सड़कों का प्रस्ताव बनाकर मार्च और अप्रैल में शासन को भेजे थे। इनके लिए करीब 80 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है, जबकि मई-जून तक प्रस्तावों को स्वीकृति मिल जाती है और बारिश के बाद काम शुरू हो जाता है। इतना समय बीतने के बाद भी इन प्रस्तावों को हरी झंडी नहीं मिल सकी। यह स्थिति तब है, जबकि लोक निर्माण राज्य मंत्री ब्रिजेश सिंह सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष योगेश पंवार और लोक निर्माण विभाग के ही इंजीनियर इन चीफ संजीव भारद्वाज भी सहारनपुर मंडल के रहने वाले हैं।
यह है सड़कों की स्थिति
जनपद में लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व की 3,500 किलोमीटर की सड़कें हैं। इनमें से 553.70 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढा मुक्ति के लिए चिह्नित किया गया था, जबकि 178 सड़कें ऐसी थी, जो पांच वर्ष पूर्ण कर चुकी हैं और दोबारा बनाई जानी हैं। इनकी लंबाई 216.336 किमी है। इनके लिए 80 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
सात दिन में 26 फीसदी गड्ढा मुक्ति
लोक निर्माण विभाग ने 553.70 किमी की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए शासन से 5.5 करोड़ रुपये की मांग की थी। पहली किस्त में 3.5 करोड़ रुपये जारी हुए हैं, जिनसे काम चल रहा है। एक अक्तूबर से सात अक्तूबर तक 142.516 किलोमीटर यानी 26 फीसदी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है।
इन सड़कों का भेजा गया था प्रस्ताव
-माजरी नौगजापीर मार्ग से नवादा।
-दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग से बुड्ढाखेड़ा पुंडीर जजनेर।
-घोघरेकी-बेरीतगा-बलियाखेड़ी-बडौली-पुंडेन-छाछरेकी-फकरेड़ा।
-भगवानपुर-गागलहेड़ी मार्ग से बुड्ढाखेड़ा अहीर।
-सहारनपुर चिलकाना मार्ग से बादलपुर दराकोटतला शाहपुर कदीम।
-मुजफ्फरनगर सहारनपुर मार्ग से रूपड़ी जुनारदार सुन्हेटी खड़खड़ी।
-लाखनौ सीड़की मार्ग से कोटा।
-खजूरी अकबरपुर बांस, भाभरी मार्ग से खनपुर।
-देहरादून मार्ग से सैयद सोना माजरा।
-हरियाबांस से इटावा संपर्क मार्ग।
नोट : इनके अलावा भी काफी सड़कों के प्रस्ताव भेजे थे।
सड़कों के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए थे। सहारनपुर जनपद के साथ ही मुजफ्फरनगर और शामली के प्रस्ताव भी अभी स्वीकृत नहीं हुए हैं, लेकिन जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
- संजय कुमार श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
यह बोले मंत्री
अभी प्रस्तावों के संबंध में बैठक नहीं हुई है। जैसे ही बैठक होगी प्रस्ताव पास करा दिए जाएंगे।
- बृजेश सिंह, लोक निर्माण राज्यमंत्री