सहारनपुर। जनपद में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। उद्यान विभाग की ओर से मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबिल स्थापित किया जाएगा। इसमें एक हाईटेक वातानुकूलित नर्सरी तैयार की जाएगी। इसमें विभिन्न सब्जियों के प्रतिवर्ष 15 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। जिन्हें किसानों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को अब अच्छी पौध के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बेमौसम, रोगमुक्त और उच्च गुणवत्तायुक्त सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए जनपद में इजराइली तकनीक पर आधारित हाईटेक नर्सरी (मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल) स्थापित की जाएगी। इसके लिए उद्यान विभाग ने गांव जगैता गुर्जर में एक हेक्टेयर भूमि का चयन किया है। इसमें प्रति वर्ष विभिन्न प्रकार की सब्जियों के 15 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। इनमें शिमला मिर्च, टमाटर, हरी मिर्च एवं बैंगन आदि के साढ़े तीन लाख पौधे एवं ब्रोकली, चायनीज कैबेज, फूल गोभी, पत्ता गोभी आदि के साढ़े तीन लाख पौधे और खीरा, करेला, खरबूज, तरबूज, कद्दू, लौकी, तुरई आदि के नौ लाख पौधे शामिल हैं। इस पौध को लागत मूल्य के दस प्रतिशत लाभांश पर साथ किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। (संवाद)
ट्रे में तैयार होगी पौध
गांव जगैता गुर्जर में स्थापित होने वाली इजराइली तकनीक पर आधारित इस हाईटेक नर्सरी में प्लास्टिक छोटी- छोटी ट्रे में विभिन्न सब्जियों की पौध तैयार की जाएगी। जिससे पौध को खेत तक ले जाने और उसे लगाने में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इससे किसानों को सब्जियों की अगेती और बेमौसमी खेती कर अधिक मुनाफा कमाने में मदद मिलेगी।
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी संचालन
हाईटेक नर्सरी को उद्यान विभाग स्थापित करेगा, लेकिन इसका संचालन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं करेंगी। इसके स्थापित होने से जनपद के किसानों को सब्जियों की बढ़िया पौध के लिए भटकना नहीं पडे़गा। इस नर्सरी से उच्च गुणवत्तायुक्त पौध किसानों को सस्ती दर पर उपलब्ध होगी। अगले महीने तक इस नर्सरी को बनाने का कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है। --- अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।