सहारनपुर। जिले में लंपी वायरस का प्रकोप तो थम गया है, लेकिन इसका असर दूध के दामों पर पड़ा है। इस बीमारी की वजह से दूध का उत्पादन कम होने से दूध के दामों में 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है। बीमारी से पशु पालकों को नुकसान झेलना पड़ा था और जनपद में 70 से अधिक गोवंशीय पशुओं की मौत हुई थी।
देवबंद क्षेत्र में लंपी वायरस बीमारी का प्रकोप कम हुआ, लेकिन दूध के दाम में 10 रुपये प्रति लीटर तक उछाल आया है। गांवों में दूध विक्रेता जहां 50 रुपये प्रति लीटर के भाव से दूध बेच रहे थे, वहीं अब विक्रेता अब 60 रुपये किलो के भाव से दूध बेच रहे हैं। डेयरी स्वामी अनिरुद्ध व मनदीप ने बताया कि दूध के दाम में 10 रुपये किलो तक का इजाफा हुआ है, जबकि कंपनियों का पैकिंग दूध 65 तक रुपये किलो तक बिक रहा है।
बड़गांव के डेयरी संचालक अमरीश कुमार ने बताया कि बीमारी की वजह से दूध के दामों में बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि, पशु पालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने बताया कि उच्च फैट वाला भैंस का दूध 72 रुपये तक खरीद किया जा रहा है। गांव बीराखेड़ी में मदर डेयरी के संचालक गुरमीत ने बताया कि पिछले माह ही कंपनी ने खरीद मूल्य में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि लंपी रोग की वजह से काफी संख्या में गायों की मौत हुई थी। इससे दुग्ध उत्पादन कम हो गया था।
दूध के दाम बढ़ने से गृहणियों का बजट बिगड़ा
गांव से दूध खरीदकर शहर में बेचने वाले दूधियों ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके चलते गृहणियों का बजट बिगड़ गया है। दूध का कार्य करने वाले वसीम, फहीम, जोगिंद्र ने बताया कि गांव में पशु कम होने से दूध की आपूर्ति लगातार कम होती जा रही है। दूसरे दुग्ध कंपनियों के दुग्ध सेंटरों पर रेट बढ़ने से उन्हें भी अधिक दाम देकर पशुपालकों से दूध लेना पड़ रहा है। बताया कि दो माह पूर्व जो दूध उन्हें 48 रुपये प्रति लीटर मिल जाता था, वही अब 52 रुपये मिल रहा है।