सहारनपुर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से पुराने शहर की निचले क्षेत्रों के साथ ही बड़ी कॉलोनियों तक में जलभराव हो गया। शहर के अनेक मार्गों पर भी जलभराव और कीचड़ से आवागमन प्रभावित रहा। बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 24.2 और अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो शुक्रवार को घटकर न्यूनतम 23 और अधिकतम 25.5 डिग्री सेल्सियस हो गया।
जनपद में बुधवार की रात से बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी दिन भर बारिश और कई बार झमाझम बारिश की वजह से शहर भर में भारी जलभराव हो गया। ऑफिसर्स कॉलोनी, कलक्ट्रेट, पुलिस लाइन, नगर निगम परिसर जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय परिसरों तक में भारी जलभराव की वजह से कर्मचारियों को परेशानी रही। इसके अलावा हसनपुर के आईटीसी रोड क्षेत्र की गलियों और घरों में पानी भर गया। ओजपुरा, नवीन नगर, चंद्रनगर, अहमदबाग की कई गलियां जलमग्न हो गई।
इसके अलावा नंदपुरी कॉलोनी, रामविहार कॉलोनी, लेबर कॉलोनी की हालत तालाबों जैसी नजर आई। उक्त कॉलोनियों में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है, जिनका समाधान नगर निगम के अधिकारी अभी तक नहीं खोज सके हैं। इसके अलावा तमाम मार्गों पर भी जलभराव रहा। अंबाला रोड, देहरादून रोड, पांवधोई नदी की चौकी सराय वाली पटरी, पुराना कलसिया रोड और एबीडी क्षेत्र में जहां सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है वहां सड़कों पर जलभराव और कीचड़ रहा। रायवाला क्षेत्र में जलभराव की वजह से दुकानों पर ग्राहक कम संख्या में पहुंचे। जैन बाग क्षेत्र में नाला निर्माण की वजह से बरसात के साथ ही घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर रहा।
गन्ने के लिए बारिश लाभदायक
बारिश से ज्यादातर किसानों को लाभ हुआ है। जनपद में धान और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इन दिनों धान और गन्ने के लिए बारिश बेहद लाभदायक है। खासकर पछेता धान के लिए। कुछ जगह धान की फसल गिर भी गई। इसके अलावा उड़द और सब्जियों की फसल को नुकसान है।
तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ा
सितंबर माह में हुई बारिश का बीते पांच साल के आंकड़े पर नजर डालें तो इस बार की बारिश ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2018 में सितंबर में कुल 219.5 एमएम बारिश हुई थी। उसके बाद वर्ष 2019 के सितंबर में 85.5 एमएम, 2020 के सितंबर में 33.5 एमएम, 2021 के सितंबर में 159 एमएम बारिश हुई। इस बार अभी तक 201 एमएम बारिश हो चुकी है, जबकि सितंबर माह खत्म होने में अभी सात दिन बाकी हैं। यदि यही स्थिति रही तो अगले 24 घंटे में 2018 का भी रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएगा। पूरे श्रावण मास की बात करें तो इस बार जुलाई से अब तक 422 एमएम बारिश हुई है।
ये स्मार्ट सिटी सहारनपुर में बरसात में कीचड़ में तब्दील हुआ थाना मंडी क्षेत्र का रायवाला मार्के?- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में बरसात के चलते नदी में तब्दील हुआ औजपुरा मार्ग- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में बरसात के चलते जलमग्न हुआ चंद्र नगर- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में बरसात के चलते जलमग्न हुआ गोविंद रामलीला पंडाल- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में बरसात के चलते जलमग्न हुआ कलेक्ट्रेट परिसर- फोटो : SAHARANPUR