सहारनपुर। दुकान न मिलने पर मानसिक तनाव में हुई व्यापारी की मौत के मामले में महापौर डाॅ. अजय कुमार ने नगरायुक्त गजल भारद्वाज को पत्र भेजकर नगर निगम द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में तीन दिन में आख्या देने के लिए कहा है। वहीं, भाजपा विधायकों, जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष ने मामले में मंडलायुक्त से मुलाकात की।
महापौर डॉ. अजय कुमार ने पत्र में कहा कि खुमरानपुल के चौड़ीकरण के दौरान चार दुकान तोड़ी गई। इनमें मोहल्ला जवाहरपार्क निवासी व्यापारी विवेक जुनेजा की दुकान थी, जिनकी मौत हो गई। इस मामले में नगर विधायक राजीव गुंबर ने नगर निगम को व्यापारी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। विधायक ने कहा है कि व्यापारियों को दुकानें आवंटित करने में देरी की गई। विवेक जुनेजा ने सभी प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इसके बाद भी उनको दुकान आवंटित नहीं की गई। महापौर ने नगरायुक्त से कहा कि इस मामले में नगर निगम की छवि धूमिल हुई है। दुकानें तोड़ने से लेकर दूसरी जगह दुकानें दिए जाने के संबंध में नगर निगम की ओर से की गई कार्यवाही की आख्या तीन दिन में दी जाए।
वही, विधायक राजीव गुंबर, मुकेश चौधरी, कीरत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी और महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी ने मंडलायुक्त से मिलकर मामले से अगवत कराया। आरोप लगाया कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी नगरायुक्त की स्वीकृति की प्रतीक्षा फाइल लंबित रही है। लापरवाही की वजह से ही व्यापारी विवेक जुनेजा की जान गई है। दुकान न मिलने की वजह से वह मानसिक तनाव में थे।
यह था मामला
पांच वर्ष पूर्व पुल खुमरान के चौड़ीकरण के दौरान चार दुकानों को तोड़ा गया था। तत्कालीन नगरायुक्त और व्यापारियों के बीच मौखिक समझौता हुआ था कि, इनको दूसरी जगह पर दुकानें दी जाएंगी। जनमंच के पास दुकानें बनने के बाद भी व्यापारियों को दुकान आवंटित नहीं की। व्यापारी विवेक जुनेजा और उनका परिवार नगर निगम के चक्कर काटता रहा। दुकान न मिलने की वजह से वह मानसिक तनाव में चले गए और बीमार हो गए, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस मामले में बुधवार को नगर विधायक राजीव गुंबर ने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर नगरायुक्त पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।