सहारनपुर। भले ही यातायात पुलिस ने जाम से निपटने के लिए नो पार्किंग, नो हॉल्टिंग और नो वेंडिंग जोन घोषित किया हो, लेकिन महानगर के जिन चौराहों को इसमें शामिल किया गया है वहां जाम मुक्त करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इन चौराहों पर बसें रुकती हैं, जिनके इंतजार में सवारी खड़ी रहती है। इनके साथ ही टेंपों और ऑटो का भी कब्जा रहता है। यह सब चौराहों के 50 मीटर के दायरे में रहते हैं।
दरअसल, यातायात पुलिस महानगर को जाम मुक्त करने के लिए कवायद कर रही है। पिछले दिनों ई-रिक्शाओं का संचालन के लिए कलर कोडिंग और 12 रूट निर्धारित किए थे। इन रूटों पर चालकों से आवेदन मांगे गए। अब यातायात पुलिस ने जाम के निराकरण के लिए मुख्य चौराहों को नो हॉल्टिंग, नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन निर्धारित किए हैं। पहले चरण में घंटाघर चौक, हसनपुर चौक, अग्रसेन चौक और देहरादून चौक पर चौराहे के बीच से 50 मीटर चारों ओर क्षेत्र को पीली पट्टी बनाकर नो वेंडिंग और नो पार्किंग जोन चिन्हित किया गया है। यदि कोई वाहन या वेंडर नो पार्किंग जोन या नो वेंडिंग जोन पर खड़े पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ चालान, वाहन और चालान की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इन चौराहों को जाम मुक्त करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। यह ऐसे चौराहे हैं, जिन पर अधिक भीड़ रहती है। घंटाघर और देहरादून चौक पर चालक बसों को रोककर सवारी बैठाते हैं। इसी तरह घंटाघर पर मंदिर के सामने टेंपो और ऑटो का कब्जा रहता है।
महानगर को जाम मुक्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जाम से निपटने के लिए चार चौराहों को नो पार्किंग, नो हॉल्टिंग और नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। इनका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
सिद्धार्थ वर्मा, एसपी यातायात