विश्व प्रसन्न्ता दिवस : हंसना शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए जरूरी
- मनोचिकित्सक बोले-घर के माहौल बनाएं बेहतर, असफलता से सबक लें व सकारात्मक चीजें याद रखें
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आज भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास खुद के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है। जिस वजह से वह तनाव, अवसाद एवं दूसरी तरह की तमाम बीमारियों का शिकार बनते जा रहे हैं। लेकिन, हंसना शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बेहद जरूरी है। मनोचिकित्सक बताते हैं कि घर के माहौल बेहतर बनाएं। असफलता से सबक लें और सकारात्मक चीजों को ही याद रखें।
सोमवार को विश्व प्रसन्नता दिवस मनाया जाएगा। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत पोपली का कहना है कि समय में बदलाव के कारण लोगों की खुशियां घटती जा रही हैं। बदलते दौर में आज व्यक्ति अपनों को समय नहीं दे पा रहे। पहले कुनबे में लोग रहते थे और एकल परिवार में रहते हैं।
लोगों के पास समय कम होने के कारण आपसी बातचीत कम हो गई। अभिभावक अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण बच्चों में तनाव बढ़ रहा है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे बड़ा सोचने लगते हैं और धीरे-धीरे वह एक बड़ा कदम उठा लेते हैं। जो परिवार के लिए घातक होता है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि अगर व्यक्ति मुस्कुराता रहता है तो उसे हृदय संबंधी रोग होने की संभावना कम होती है। दिल की बीमारियों को दूर करने के लिए किसी भी हालात में खुद को खुश और संतुष्ट रखना जरूरी है। इसके लिए काम के साथ खुद को भी थोड़ा समय दें। दिल को सुरक्षित रखने के लिए सही खानपान व व्यायाम जितना जरूरी हैं उतना ही खुश रहना भी जरूरी है।