सहारनपुर। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को श्रद्धा भाव से शिवालयों में भोले बाबा का जलाभिषेक किया गया। इसके साथ ही औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव का 51 हजार रुद्राक्ष से भव्य शृंगार किया गया। हर-हर महादेव और बोल-बम-बम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महानगर में श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री हनुमान मंदिर, श्री हरि मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव सहित अनेक मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। लोगों ने पंचामृत से अभिषेक कर जलाभिषेक किया।
राधा विहार स्थित श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल से मंगवाए गए 51 हजार रुद्राक्ष से महादेव का शृंगार किया। इसके साथ ही रुद्रीपाठ और शिव स्त्रोत पाठ के साथ रुद्राभिषेक किया गया। तत्पश्चात भोले बाबा को भोग अर्पित कर आरती उतारी गई। इस मौके पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि महादेव का रुद्राक्ष शृंगार करने से मानव को कर्म बंधन से मुक्ति मिलती है। इस दौरान अरुण स्वामी, पंडित योगेश तिवारी, पंडित नीरज मिश्रा, पंडित ऋषभ शर्मा, पंडित सोनू शर्मा, रमेश शर्मा, अजब सिंह चौहान, ठाकुर दिनेश सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, अजब सिंह, अश्विनी कंबोज, नरेश चंदेल, विवेक गर्ग, पवन दीवान, मनीष गुप्ता, सागर गुप्ता, मनीष गोयल, गीता, बबीता, शैलेश, सुचेता, उमा, सविता, करुणा, वर्षा, किरण, बबली मौजूद रहे।
बेहट रोड स्थित सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम में भगवान संकटमोचन महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। धाम संस्थापक अतुल जोशी महाराज के सानिध्य में आचार्य शांतनु जोशी व पंडित खेमराज मिश्रा ने मंत्रोचारण के साथ पंचामृत से रुद्रीपाठ के उच्चारण के साथ रुद्राभिषेक किया। चंदन व भस्म और गुलाल से भगवान संकटमोचन महादेव का शृंगार कर आरती की गई। अतुल जोशी महाराज ने कहा कि भगवान शिव को बेल पत्र, धतूरा आदि वनस्पति अत्यंत प्रिय है। इनको अर्पित करने पर भगवान शंकर अत्यंत शीघ्रता से प्रसन्न होकर कल्याण करते हैं। इस दौरान रमाकांत, गौरव माहेश्वरी, कुशल जोशी, शुभम सैनी, अक्षय, रामप्रताप शुक्ला, विनोद आदि उपस्थित रहे।